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Sirmour News: फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन, सरकार और कुलपति का पुतला फूंका
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नाहन में प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला फूंकते एसएफआई कार्यकर्ता। संवाद
छात्रों ने फीस वृद्धि का फैसला तत्काल वापस लेने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) और कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में मंगलवार को एसएफआई की नाहन इकाई ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों का पुतला फूंका। छात्रों ने चेतावनी दी कि बढ़ी हुई फीस तुरंत वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के राज्य सह सचिव कमल शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी प्रशासनिक और वित्तीय नाकामियों का बोझ गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों के छात्रों पर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण आम परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।
कमल शर्मा ने आरोप लगाया कि शिक्षा को व्यावसायीकरण की ओर धकेला जा रहा है। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को फीस वृद्धि का फैसला तत्काल वापस लेकर छात्रों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली गई तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) और कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी के विरोध में मंगलवार को एसएफआई की नाहन इकाई ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों का पुतला फूंका। छात्रों ने चेतावनी दी कि बढ़ी हुई फीस तुरंत वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान एसएफआई के राज्य सह सचिव कमल शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी प्रशासनिक और वित्तीय नाकामियों का बोझ गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों के छात्रों पर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण आम परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।
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कमल शर्मा ने आरोप लगाया कि शिक्षा को व्यावसायीकरण की ओर धकेला जा रहा है। इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को फीस वृद्धि का फैसला तत्काल वापस लेकर छात्रों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई फीस वापस नहीं ली गई तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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