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नाहन में चक्का जाम, नारेबाजी से गरमा गया माहौल
Updated Mon, 02 Apr 2018 10:35 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम में बदलाव को लेकर दलित समुदाय के लोग भड़क गए हैं। सोमवार को भारत बंद का हालांकि नाहन में खास असर देखने को नहीं मिला लेकिन समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों ने हल्ला बोल दिया है। शहर के प्रवेश द्वार पर पेट्रोल पंप के समीप लोगों ने करीब आधा घंटा तक चक्का जाम किया। इससे यहां यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से यातायात को बहाल किया। जबकि दूसरी ओर नाहन शहर में जोरदार रैली निकाली गई।
नाहन में दलित शोषण मुक्ति सभा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कई संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने दो टोलियां बनाकर प्रदर्शन किया। एक टोली ने पेट्रोल पंप के समीप चक्का जाम किया तो दूसरी टोली ने शहर में रैली निकाली। इस टोली ने उपायुक्त के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। शहर के वाल्मीकि मोहल्ला, बस स्टैंड, छोटा चौक, बड़ा चाैंक, हिंदू आश्रम, दिल्ली गेट, पुलिस लाइन से होती हुई उपायुक्त कार्यालय में पहुंची।
सभा के सचिव आशीष कुमार ने कहा कि हमारा प्रदर्शन किसी सरकार, न्यायालय व व्यक्ति विशेष के प्रति नहीं है। यह दलित समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस देश में जब मजबूत एससी/एसटी एक्ट बना हुआ है। बावजूद इसके दलित समुदाय के लोगों पर हुए अत्याचार पर नाममात्र की एफआईआर दर्ज होती है। ऐसे में जब इस कानून में लचीला किया गया तो दलितों को न्याय मिलना असंभव हो जाएगा।
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इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम उपायुक्त ललित जैन को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दाखिल करने, एससी/एसटी(पीओए एक्ट) को संविधान के नौंवे शेड्यूल में लाने की मांग की गई।
इस प्रदर्शन के दौरान दलित मुक्ति सभा के सचिव आशीष कुमार, उपप्रधान अमिता चौहान, वाल्मीकि समाज के प्रधान विजय चौरिया, नवजीवन वाल्मीकि सभा के प्रधान अचपाल सिंह, रविदास सभा के अध्यक्ष अमर सिंह, वाल्मीकि महिला मंडल से ईशो रानी, पार्षद प्रदीप सहोत्रा, तिलक राज, रीना, परवीण, कालिदास, कृष्णा सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
बॉक्स के लिए---
चंडीगढ़ दिल्ली में फंसी बसें
भारत बंद के चलते एचआरटीसी की बसें फंस गई हैं। भारत बंद का हालांकि सिरमौर में असर नहीं दिखा, लेकिन यहां से लंबे रूटों पर निकली बसें फंस गई हैं। सुबह दिल्ली गई बस दिल्ली पहुंचने के बाद वापस नहीं आ रही। धर्मशाला, बैजनाथ, मनाली, मंडी आदि इलाकों को गई बसें चंडीगढ़ में फंस गई हैं। इसके अलावा सहारनपुर जाने वाली बस भी वापस नहीं आई। अड्डा प्रभारी सुखराम ने यह जानकारी दी।
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नाहन (सिरमौर)।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम में बदलाव को लेकर दलित समुदाय के लोग भड़क गए हैं। सोमवार को भारत बंद का हालांकि नाहन में खास असर देखने को नहीं मिला लेकिन समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों ने हल्ला बोल दिया है। शहर के प्रवेश द्वार पर पेट्रोल पंप के समीप लोगों ने करीब आधा घंटा तक चक्का जाम किया। इससे यहां यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से यातायात को बहाल किया। जबकि दूसरी ओर नाहन शहर में जोरदार रैली निकाली गई।
नाहन में दलित शोषण मुक्ति सभा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में कई संगठनों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने दो टोलियां बनाकर प्रदर्शन किया। एक टोली ने पेट्रोल पंप के समीप चक्का जाम किया तो दूसरी टोली ने शहर में रैली निकाली। इस टोली ने उपायुक्त के मार्फत प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। शहर के वाल्मीकि मोहल्ला, बस स्टैंड, छोटा चौक, बड़ा चाैंक, हिंदू आश्रम, दिल्ली गेट, पुलिस लाइन से होती हुई उपायुक्त कार्यालय में पहुंची।
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सभा के सचिव आशीष कुमार ने कहा कि हमारा प्रदर्शन किसी सरकार, न्यायालय व व्यक्ति विशेष के प्रति नहीं है। यह दलित समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस देश में जब मजबूत एससी/एसटी एक्ट बना हुआ है। बावजूद इसके दलित समुदाय के लोगों पर हुए अत्याचार पर नाममात्र की एफआईआर दर्ज होती है। ऐसे में जब इस कानून में लचीला किया गया तो दलितों को न्याय मिलना असंभव हो जाएगा।
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इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम उपायुक्त ललित जैन को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका दाखिल करने, एससी/एसटी(पीओए एक्ट) को संविधान के नौंवे शेड्यूल में लाने की मांग की गई।
इस प्रदर्शन के दौरान दलित मुक्ति सभा के सचिव आशीष कुमार, उपप्रधान अमिता चौहान, वाल्मीकि समाज के प्रधान विजय चौरिया, नवजीवन वाल्मीकि सभा के प्रधान अचपाल सिंह, रविदास सभा के अध्यक्ष अमर सिंह, वाल्मीकि महिला मंडल से ईशो रानी, पार्षद प्रदीप सहोत्रा, तिलक राज, रीना, परवीण, कालिदास, कृष्णा सहित दर्जनों लोग शामिल रहे।
बॉक्स के लिए---
चंडीगढ़ दिल्ली में फंसी बसें
भारत बंद के चलते एचआरटीसी की बसें फंस गई हैं। भारत बंद का हालांकि सिरमौर में असर नहीं दिखा, लेकिन यहां से लंबे रूटों पर निकली बसें फंस गई हैं। सुबह दिल्ली गई बस दिल्ली पहुंचने के बाद वापस नहीं आ रही। धर्मशाला, बैजनाथ, मनाली, मंडी आदि इलाकों को गई बसें चंडीगढ़ में फंस गई हैं। इसके अलावा सहारनपुर जाने वाली बस भी वापस नहीं आई। अड्डा प्रभारी सुखराम ने यह जानकारी दी।