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मुखिया की मौत से बिखर गया सतेंद्र का परिवार
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ बिहार से पांवटा में आकर गुजर-बसर कर रहा बिहार का परिवार मुखिया की मौत से टूट गया है। चार छोटे-छोटे बच्चों की जिम्मेवारी अब मृतक की पत्नी के कंधों पर आ गई है। पति की मौत से महिला अपनी सुधबुध खो बैठी है।
मूल रूप से बिहार का रहने वाला सतेंद्र साहनी परिवार सहित पांवटा में रह रहा था। पिछले पांच सालों में वह लोगों के घरों में बिजली की फिटिंग का कार्य करता था। मंगलवार को अचानक बाइक पर से गशखाकर गिरने के बाद सतेंद्र की मौत हो गई। इससे उसका पूरा परिवार बिखर गया है। बीबी और चार छोटे बच्चों के साथ सतेंद्र का हंसता-खेलता परिवार था। सतेंद्र की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार में केवल वही कमाने वाला था। बिहार के जिला दरबंगा ग्राम नगदी निवासी बढ़े भाई रवि कुमार और लाल बाबू साहनी का कहना है कि वह तीन भाई थे। सतेंद्र सबसे छोटा था। सभी पांवटा में अलग-अलग किराये के कमरे में रहते हैं। सतेंद्र साहनी भी करीब पांच वर्ष पहले पांवटा आया था। सतेंद्र साहनी और विरमा देवी के चार छोटे बच्चे है। सबसे बड़ी 7 वर्षीय बेटी निजी स्कूल में पढ़ती है। तीनों बेटे अभी आंगनबाड़ी में पढ़ने जाते हैं। सतेंद्र के बड़े भाई लाल बाबू साहनी ने कहा कि मंगलवार को बैंक से कुछ राशि निकालने की बात कह कर बद्रीपुर किराये के कमरे से बाहर निकले थे। बड़े भाई लाल बाबू साहनी ने कहा कि परिवार वालों ने सतेंद्र के गिर कर घायल होने की सूचना दी लेकिन, अस्पताल में चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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मूल रूप से बिहार का रहने वाला सतेंद्र साहनी परिवार सहित पांवटा में रह रहा था। पिछले पांच सालों में वह लोगों के घरों में बिजली की फिटिंग का कार्य करता था। मंगलवार को अचानक बाइक पर से गशखाकर गिरने के बाद सतेंद्र की मौत हो गई। इससे उसका पूरा परिवार बिखर गया है। बीबी और चार छोटे बच्चों के साथ सतेंद्र का हंसता-खेलता परिवार था। सतेंद्र की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। परिवार में केवल वही कमाने वाला था। बिहार के जिला दरबंगा ग्राम नगदी निवासी बढ़े भाई रवि कुमार और लाल बाबू साहनी का कहना है कि वह तीन भाई थे। सतेंद्र सबसे छोटा था। सभी पांवटा में अलग-अलग किराये के कमरे में रहते हैं। सतेंद्र साहनी भी करीब पांच वर्ष पहले पांवटा आया था। सतेंद्र साहनी और विरमा देवी के चार छोटे बच्चे है। सबसे बड़ी 7 वर्षीय बेटी निजी स्कूल में पढ़ती है। तीनों बेटे अभी आंगनबाड़ी में पढ़ने जाते हैं। सतेंद्र के बड़े भाई लाल बाबू साहनी ने कहा कि मंगलवार को बैंक से कुछ राशि निकालने की बात कह कर बद्रीपुर किराये के कमरे से बाहर निकले थे। बड़े भाई लाल बाबू साहनी ने कहा कि परिवार वालों ने सतेंद्र के गिर कर घायल होने की सूचना दी लेकिन, अस्पताल में चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
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