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कम पैसे देकर टाले जा रहे हिमाचली कलाकार
Updated Sun, 22 Oct 2017 07:38 PM IST
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कम पैसे देकर टाले जा रहे हिमाचली कलाकार
प्रसिद्ध गायक राजीव राजा ने प्रकट किया असंतोष
बोले, स्थानीय कलाकारों को मिले उचित पैसा और मंच
अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)।
नौहराधार में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में आए सुप्रसिद्ध कलाकार राजीव राजा ने बताया कि वह राजगढ़ क्षेत्र के पझौता के कुम्हारला गांव से संबंध रखते हैं। गाने का शौक मुझे मां से मिला। राजीव ने बताया कि उन्होंने अभी तक हिंदी व पहाड़ी गानों की 100 से ज्यादा ऑडियो व वीडियो अलबम बनाई हैं। वर्ष 2008 में सोलन में आयोजित हिमाचल आइडल प्रतियोगिता में उन्हें पहला स्थान प्राप्त हुआ था। वहीं, 2010 में आयोजित रफी नाइट में यह पहले स्थान पर आए थे।
गायक राजीव राजा ने शिमला से शास्त्रीय संगीत में हाईली कमांडिड स्थान प्राप्त किया हैं। वह राज्य व अंतरराष्ट्रीय उत्सव में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। कुछ समय पहले इनकी कलाकार के नाम से वीडियो भी रिलीज हुई जो कि लोगों में चर्चित रही। अब उनकी आमा नामक वीडियो एलबम आने वाली है जिसे लेकर राजीव राजा खासे उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि इस वीडियो एलबम में पहाड़ी संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। उनकी इच्छा है कि पंजाबी संस्कृति की तरह ही पहाड़ी संस्कृति भी देश-विदेश में लोकप्रिय हो। राजीव राजा ने कहा कि यह दुख की बात है कि हिमाचली कलाकारों को हिमाचली मंचों पर जगह नहीं मिल रही है। उन्हें नाममात्र मेहनताना देकर चलता बनाया जा रहा है। जबकि बाहरी कलाकारों पर खूब पैसे लुटाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान देकर हिमाचली कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाएं।
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प्रसिद्ध गायक राजीव राजा ने प्रकट किया असंतोष
बोले, स्थानीय कलाकारों को मिले उचित पैसा और मंच
अमर उजाला ब्यूरो
नौहराधार (सिरमौर)।
नौहराधार में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में आए सुप्रसिद्ध कलाकार राजीव राजा ने बताया कि वह राजगढ़ क्षेत्र के पझौता के कुम्हारला गांव से संबंध रखते हैं। गाने का शौक मुझे मां से मिला। राजीव ने बताया कि उन्होंने अभी तक हिंदी व पहाड़ी गानों की 100 से ज्यादा ऑडियो व वीडियो अलबम बनाई हैं। वर्ष 2008 में सोलन में आयोजित हिमाचल आइडल प्रतियोगिता में उन्हें पहला स्थान प्राप्त हुआ था। वहीं, 2010 में आयोजित रफी नाइट में यह पहले स्थान पर आए थे।
गायक राजीव राजा ने शिमला से शास्त्रीय संगीत में हाईली कमांडिड स्थान प्राप्त किया हैं। वह राज्य व अंतरराष्ट्रीय उत्सव में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। कुछ समय पहले इनकी कलाकार के नाम से वीडियो भी रिलीज हुई जो कि लोगों में चर्चित रही। अब उनकी आमा नामक वीडियो एलबम आने वाली है जिसे लेकर राजीव राजा खासे उत्साहित हैं।
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उन्होंने कहा कि इस वीडियो एलबम में पहाड़ी संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। उनकी इच्छा है कि पंजाबी संस्कृति की तरह ही पहाड़ी संस्कृति भी देश-विदेश में लोकप्रिय हो। राजीव राजा ने कहा कि यह दुख की बात है कि हिमाचली कलाकारों को हिमाचली मंचों पर जगह नहीं मिल रही है। उन्हें नाममात्र मेहनताना देकर चलता बनाया जा रहा है। जबकि बाहरी कलाकारों पर खूब पैसे लुटाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान देकर हिमाचली कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए कदम उठाएं।
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