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बारात के स्वागत में सजी कवियों की महफिल
Updated Fri, 01 Dec 2017 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिले के ददाहू में हुई एक शादी में कवियों की रचनाओं से बारात का शानदार स्वागत किया गया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ हुए बारात के स्वागत के बाद सजे कवि सम्मेलन में जिले के चुनिंदा कवियों ने अपनी रचनाएं पढ़ीं तो बारात के साथ आए लोग वाह-वाह कर उठे। हास्य कविताओं पर बाराती खूब लोटपोट हुए।
दरअसल, वीरवार को ददाहू के सागर सिंह की पुत्री धनमंती का शुभ विवाह हुआ। सुबह बारात पहुंची। धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार बारात का स्वागत हुआ। इसके बाद बारातियों के लिए कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
कवि सम्मेलन का आगाज दूल्हा और दुल्हन ने किया। इसके बाद कवियों ने एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाईं। छंद अंदाज की हास्य कविताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। अनूठे अंदाज में हुए इस विवाह की पूरे ददाहू में चर्चा है।
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कवियों ने दूल्हा और दुल्हन को कविताओं के माध्यम से विवाह की बधाई देने के साथ-साथ ईश्वर से मंगलकामना की भी प्रार्थना की। कवि सम्मेलन के बाद विवाह की रस्म अदा की गई। दुल्हन के भाई अनंत आलोक स्वयं कवि हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने विवाह में कवि सम्मेलन करवाकर एक नई रिवायत शुरू करने का प्रयास किया है।
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नाहन (सिरमौर)।
सिरमौर जिले के ददाहू में हुई एक शादी में कवियों की रचनाओं से बारात का शानदार स्वागत किया गया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ हुए बारात के स्वागत के बाद सजे कवि सम्मेलन में जिले के चुनिंदा कवियों ने अपनी रचनाएं पढ़ीं तो बारात के साथ आए लोग वाह-वाह कर उठे। हास्य कविताओं पर बाराती खूब लोटपोट हुए।
दरअसल, वीरवार को ददाहू के सागर सिंह की पुत्री धनमंती का शुभ विवाह हुआ। सुबह बारात पहुंची। धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार बारात का स्वागत हुआ। इसके बाद बारातियों के लिए कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ।
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कवि सम्मेलन का आगाज दूल्हा और दुल्हन ने किया। इसके बाद कवियों ने एक से बढ़कर एक कविताएं सुनाईं। छंद अंदाज की हास्य कविताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। अनूठे अंदाज में हुए इस विवाह की पूरे ददाहू में चर्चा है।
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कवियों ने दूल्हा और दुल्हन को कविताओं के माध्यम से विवाह की बधाई देने के साथ-साथ ईश्वर से मंगलकामना की भी प्रार्थना की। कवि सम्मेलन के बाद विवाह की रस्म अदा की गई। दुल्हन के भाई अनंत आलोक स्वयं कवि हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने विवाह में कवि सम्मेलन करवाकर एक नई रिवायत शुरू करने का प्रयास किया है।