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ांवत गांव में तेदुंए का आतंक, दशहत में ग्रामीण
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। तहसील नाहन की बनेठी पंचायत के गांवत गांव में इन दिनों लोग तेंदुए के आतंक से दहशत में हैं। शाम होते ही तेंदुआ बेखौफ होकर गांव के आसपास गुर्राने लगता है। रात को तेंदुआ गांव में दस्तक दे रहा है। शुक्रवार की रात तेंदुआ गांव के बीच बनी एक पशुशाला से बकरी को उठा कर ले गया। जानकारी के मुताबिक गांवत गांव के बलिंद्र सिंह की पशुशाला से तेंदुआ एक बकरी को उठा ले गया। बलिंद्र सिंह का करीब छह हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इससे पहले भी इसी गांव के लोगों के पशुओं को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। उल्लेखनीय है कि गांवत गांव से बनेठी पहुंचने के लिए हर रोज स्कूली बच्चे पैदल चलकर ही स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में जंगल के रास्ते से गुजरना भी खतरे से खाली नहीं है। यही नहीं, ग्रामीणों को पशु चराने और जंगल से चारा लाने के दौरान भी तेंदुए का खौफ सता रहा है। स्थानीय लोगों धनवीर सिंह, श्रवण सिंह, बलिंद्र सिंह, सुरजन सिंह, कमल सिंह, सुशील कुमार, तपेंद्र सिंह, हुनर सिंह, किशन सिंह आदि ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ा जाए और नुकसान का मुआवजा प्रदान किया जाए।
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नाहन (सिरमौर)। तहसील नाहन की बनेठी पंचायत के गांवत गांव में इन दिनों लोग तेंदुए के आतंक से दहशत में हैं। शाम होते ही तेंदुआ बेखौफ होकर गांव के आसपास गुर्राने लगता है। रात को तेंदुआ गांव में दस्तक दे रहा है। शुक्रवार की रात तेंदुआ गांव के बीच बनी एक पशुशाला से बकरी को उठा कर ले गया। जानकारी के मुताबिक गांवत गांव के बलिंद्र सिंह की पशुशाला से तेंदुआ एक बकरी को उठा ले गया। बलिंद्र सिंह का करीब छह हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इससे पहले भी इसी गांव के लोगों के पशुओं को तेंदुआ अपना शिकार बना चुका है। उल्लेखनीय है कि गांवत गांव से बनेठी पहुंचने के लिए हर रोज स्कूली बच्चे पैदल चलकर ही स्कूल पहुंचते हैं। ऐसे में जंगल के रास्ते से गुजरना भी खतरे से खाली नहीं है। यही नहीं, ग्रामीणों को पशु चराने और जंगल से चारा लाने के दौरान भी तेंदुए का खौफ सता रहा है। स्थानीय लोगों धनवीर सिंह, श्रवण सिंह, बलिंद्र सिंह, सुरजन सिंह, कमल सिंह, सुशील कुमार, तपेंद्र सिंह, हुनर सिंह, किशन सिंह आदि ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को पकड़ा जाए और नुकसान का मुआवजा प्रदान किया जाए।