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ओलावृष्टि से राजगढ़-संगड़ाह में नकदी फसलें तबाह
Updated Mon, 14 May 2018 11:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)।
उपमंडल राजगढ़ और संगड़ाह इलाके में बीते रविवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने फसलों पर कहर बरपाया। वहीं, तूफानी हवाओं ने किसानों-बागवानों की फसलों को चौपट कर दिया है। उपमंडल राजगढ़ में रविवार को भारी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों व बागवानों की फसलें नष्ट हो गई हैं।
ओलावृष्टि से टमाटर, शिमला मिर्च, फूल गोभी व मटर आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जबकि बागवानों के आड़ू, पलम, नाशपाती, खुमानी व सेब को भारी नुकसान पहुंचा। बेमौसमी बारिश ने लहसुन उत्पादकों की समस्या भी बढ़ा दी है। किसान लहसुन की खुदाई नहीं कर पा रहे है, वहीं खोदी गई लहसुन को सुखा भी नहीं पा रहे हैं।
प्रगतिशील किसान सुंदर सिंह, इंद्रपाल ठाकुर, अनिल शर्मा, बीडीसी सदस्य जितेंद्र वर्मा, रणदेव सिंह, विनोद ठाकुर व वीरेंद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत दाहन, भूईरा, नेहरपाब, डिंबर, ठोड़ निवाड, कोठिया जाजर, टिक्कर टिक्करी, शलाणा, सैर जगास, करगाणु व बोहल टालिया आदि पंचायतों में फसलों को कहीं भारी तो कहीं आंशिक नुकसान पहुंचा है। इस बारे में तहसीलदार विवेक नेगी ने बताया कि इस ओलावृष्टि से किसानों व बागवानों की 75 प्रतिशत फसलें तबाह हो गई हैं। इसकी सूचना आला अधिकारियों को भेज दी गई है।
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उधर, संगड़ाह उपमंडल की देवना थनगा पंचायत के मटिंडा में भी ओलावृष्टि ने कहर मचाया। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से सेब, बीन, मटर व आलू को भारी नुकसान हुआ है। किसानों व बागवानों ने स्थानीय प्रशासन से खराब फसलों का जायजा लेने की मांग की है। साथ ही उचित मुआवजा देने की भी गुहार लगाई है।
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राजगढ़ (सिरमौर)।
उपमंडल राजगढ़ और संगड़ाह इलाके में बीते रविवार को बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने फसलों पर कहर बरपाया। वहीं, तूफानी हवाओं ने किसानों-बागवानों की फसलों को चौपट कर दिया है। उपमंडल राजगढ़ में रविवार को भारी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों व बागवानों की फसलें नष्ट हो गई हैं।
ओलावृष्टि से टमाटर, शिमला मिर्च, फूल गोभी व मटर आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जबकि बागवानों के आड़ू, पलम, नाशपाती, खुमानी व सेब को भारी नुकसान पहुंचा। बेमौसमी बारिश ने लहसुन उत्पादकों की समस्या भी बढ़ा दी है। किसान लहसुन की खुदाई नहीं कर पा रहे है, वहीं खोदी गई लहसुन को सुखा भी नहीं पा रहे हैं।
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प्रगतिशील किसान सुंदर सिंह, इंद्रपाल ठाकुर, अनिल शर्मा, बीडीसी सदस्य जितेंद्र वर्मा, रणदेव सिंह, विनोद ठाकुर व वीरेंद्र ने बताया कि ग्राम पंचायत दाहन, भूईरा, नेहरपाब, डिंबर, ठोड़ निवाड, कोठिया जाजर, टिक्कर टिक्करी, शलाणा, सैर जगास, करगाणु व बोहल टालिया आदि पंचायतों में फसलों को कहीं भारी तो कहीं आंशिक नुकसान पहुंचा है। इस बारे में तहसीलदार विवेक नेगी ने बताया कि इस ओलावृष्टि से किसानों व बागवानों की 75 प्रतिशत फसलें तबाह हो गई हैं। इसकी सूचना आला अधिकारियों को भेज दी गई है।
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उधर, संगड़ाह उपमंडल की देवना थनगा पंचायत के मटिंडा में भी ओलावृष्टि ने कहर मचाया। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से सेब, बीन, मटर व आलू को भारी नुकसान हुआ है। किसानों व बागवानों ने स्थानीय प्रशासन से खराब फसलों का जायजा लेने की मांग की है। साथ ही उचित मुआवजा देने की भी गुहार लगाई है।