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ओवरलोडिंग बंद करने से पहले देनी चाहिए थी माकूल व्यवस्था
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ओवरलोडिंग बंद करने से पहले बसों की हो माकूल व्यवस्था
सीपीआईएम ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। सीपीआईएम की जिला सिरमौर इकाई ने कहा कि सरकार के ओवरलोडिंग को बंद करने के निर्देश सराहनीय हैं। लेकिन, इन निर्देशों को लागू करने से क्षेत्र में जरूरत के अनुसार बसों की उपलब्धता करवाई जानी जरूरी थी।
सरकार ने निर्देश तो लागू कर दिए हैं, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए माकूल बसों की व्यवस्था नहीं की। ऐसे में अब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सिलसिले में सीपीआईएम की जिला इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को उपायुक्त सिरमौर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि ओवरलोडिंग बंद करने के निर्णय के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता और बीमार व्यक्तियों खासकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि बस चालक और परिचालक निर्धारित सीटों के अनुसार ही सवारियां बसों में बिठाते हैं। जब बस की सीटें फुल हो जाती हैं तो सवारियों को नहीं बिठाया जा रहा है। सीपीआईएम पदाधिकारियों ने कहा कि इस निर्देश को लागू करने के लिए परिवहन निगम के पास न तो पर्याप्त बसें हैं और न ही मौजूदा बसों को चलाने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ। परिवहन निगम में स्टाफ की भारी कमी है। इसके अलावा जिले के शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों में रोजाना हजारों की संख्या में कर्मचारी, बच्चे पहुंचते हैं। उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि निर्णय लागू करने से पहले साधनों की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मौके पर सचिव मंडल सदस्य राजेंद्र ठाकुर, संतोष कपूर, आशीष कुमार, अमित, अमिता चौहान, सीता तोमर, मीनाक्षी, मनीष सिंघा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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सीपीआईएम ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)। सीपीआईएम की जिला सिरमौर इकाई ने कहा कि सरकार के ओवरलोडिंग को बंद करने के निर्देश सराहनीय हैं। लेकिन, इन निर्देशों को लागू करने से क्षेत्र में जरूरत के अनुसार बसों की उपलब्धता करवाई जानी जरूरी थी।
सरकार ने निर्देश तो लागू कर दिए हैं, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए माकूल बसों की व्यवस्था नहीं की। ऐसे में अब लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सिलसिले में सीपीआईएम की जिला इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल वीरवार को उपायुक्त सिरमौर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि ओवरलोडिंग बंद करने के निर्णय के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता और बीमार व्यक्तियों खासकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि बस चालक और परिचालक निर्धारित सीटों के अनुसार ही सवारियां बसों में बिठाते हैं। जब बस की सीटें फुल हो जाती हैं तो सवारियों को नहीं बिठाया जा रहा है। सीपीआईएम पदाधिकारियों ने कहा कि इस निर्देश को लागू करने के लिए परिवहन निगम के पास न तो पर्याप्त बसें हैं और न ही मौजूदा बसों को चलाने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ। परिवहन निगम में स्टाफ की भारी कमी है। इसके अलावा जिले के शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों में रोजाना हजारों की संख्या में कर्मचारी, बच्चे पहुंचते हैं। उन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि निर्णय लागू करने से पहले साधनों की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मौके पर सचिव मंडल सदस्य राजेंद्र ठाकुर, संतोष कपूर, आशीष कुमार, अमित, अमिता चौहान, सीता तोमर, मीनाक्षी, मनीष सिंघा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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