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आसन बैराज विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गुलजार
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:28 PM IST
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पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज विदेशी परिंदों की चहचहाहट से गुलजार हो गया है। पक्षी प्रेमियों को साईबेरियां समेत देश-विदेशों से पहुंचे कई रंग-बिरंगे परिंदे आकर्षित कर रहे हैं। अब तक आसन बैराज में साढ़े तीन हजार विदेशी परिंदे पहुंच चुके हैं। दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक संख्या दोगुनी होने की संभावना है।
हिमाचल और उत्तराखंड निवासी पक्षी प्रेमियों हिमाचली लोक गायक कुलदीप शर्मा, प्रद्युमन सिंह, अनिल अत्री, तब्बसुम, सुरेंद्र शर्मा, सुभाष राणा, आबिद अली, रुखसार, हरविंद्र कौर, दिनेश शर्मा, सुखविंद्र सिंह और प्रताप रावत का कहना है कि आसन वेटलैंड में हर वर्ष 52 प्रजातियों के विदेशी परिंदे पहुंचते हैं। नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही आसन वेटलैंड बैराज पर देश-विदेशों से विभिन्न प्रजातियों के जल पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है, जो हर वर्ष मार्च तक डेरा जमा कर रखते हैं। गर्मियों के शुरू होते ही विदेशी मेहमान अपने देशों को लौटना शुुरू हो जाते हैं। हिमाचल सीमा पर उत्तराखंड के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित स्थल आसन बैराज में इन दिनों बढ़ती पक्षियों की
संख्या के चलते उत्तराखंड, हिमाचल व उत्तर प्रदेश से पक्षी प्रेमियों का पहुंचना भी शुरू हो जाता है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में आसन बैराज झील में करीब 3500 रंग-बिरंगे मेहमान पक्षी झील की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। इन पक्षियों का कलरव, आकाश में उड़ कर झील में वापस लौटना पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
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52 जल पक्षी प्रजातियों का पसंदीदा आसन बैराज
आसन बैराज पहुंचने वाले पक्षियों में सुर्खाव, पर्पल स्वेन हेन, कॉमनमोर हेन, इरोएशियन विजन, मेलार्ड, स्पोर्ट बिल्ड डक, कामन पोचार्ड, टपटेड डक, सरफैंट, ब्राह्मिनी काईट, मारटीन, क्वाइलो, मिनी वैट, रिंग फ्लोवर रेड स्टार्ट, ग्रेट किंग फिशर, ग्रेलैग, रुपश ट्रीपाई, वारेवेट, वीईटर, प्रीनियां, वैक्टेल पेंटेल, सेरी जूनस पोचार्ड, परपल स्वैन हन, मार्क हैनियर व बूटेड ईगल समेत 52 प्रजातियां प्रमुख हैं। आसन बैराज के अधिकारी जेएस तोमर का कहना है कि पक्षियों का झील में आना जनवरी 2019 तक जारी रहेगा।
मोटर वोट को कर दिया है बंद : राकेश डोभाल
हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज पर्यटन केंद्र के मैनेजर राकेश डोभाल का कहना है कि मोटर बोट को बंद करवा दिया गया है, जिससे विदेशी मेहमान पंरिदों को किसी तरह की दिक्कतें न हों।
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हिमाचल और उत्तराखंड निवासी पक्षी प्रेमियों हिमाचली लोक गायक कुलदीप शर्मा, प्रद्युमन सिंह, अनिल अत्री, तब्बसुम, सुरेंद्र शर्मा, सुभाष राणा, आबिद अली, रुखसार, हरविंद्र कौर, दिनेश शर्मा, सुखविंद्र सिंह और प्रताप रावत का कहना है कि आसन वेटलैंड में हर वर्ष 52 प्रजातियों के विदेशी परिंदे पहुंचते हैं। नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही आसन वेटलैंड बैराज पर देश-विदेशों से विभिन्न प्रजातियों के जल पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है, जो हर वर्ष मार्च तक डेरा जमा कर रखते हैं। गर्मियों के शुरू होते ही विदेशी मेहमान अपने देशों को लौटना शुुरू हो जाते हैं। हिमाचल सीमा पर उत्तराखंड के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित स्थल आसन बैराज में इन दिनों बढ़ती पक्षियों की
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संख्या के चलते उत्तराखंड, हिमाचल व उत्तर प्रदेश से पक्षी प्रेमियों का पहुंचना भी शुरू हो जाता है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में आसन बैराज झील में करीब 3500 रंग-बिरंगे मेहमान पक्षी झील की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं। इन पक्षियों का कलरव, आकाश में उड़ कर झील में वापस लौटना पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।
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52 जल पक्षी प्रजातियों का पसंदीदा आसन बैराज
आसन बैराज पहुंचने वाले पक्षियों में सुर्खाव, पर्पल स्वेन हेन, कॉमनमोर हेन, इरोएशियन विजन, मेलार्ड, स्पोर्ट बिल्ड डक, कामन पोचार्ड, टपटेड डक, सरफैंट, ब्राह्मिनी काईट, मारटीन, क्वाइलो, मिनी वैट, रिंग फ्लोवर रेड स्टार्ट, ग्रेट किंग फिशर, ग्रेलैग, रुपश ट्रीपाई, वारेवेट, वीईटर, प्रीनियां, वैक्टेल पेंटेल, सेरी जूनस पोचार्ड, परपल स्वैन हन, मार्क हैनियर व बूटेड ईगल समेत 52 प्रजातियां प्रमुख हैं। आसन बैराज के अधिकारी जेएस तोमर का कहना है कि पक्षियों का झील में आना जनवरी 2019 तक जारी रहेगा।
मोटर वोट को कर दिया है बंद : राकेश डोभाल
हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित आसन बैराज पर्यटन केंद्र के मैनेजर राकेश डोभाल का कहना है कि मोटर बोट को बंद करवा दिया गया है, जिससे विदेशी मेहमान पंरिदों को किसी तरह की दिक्कतें न हों।