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फर्जी क्लीनिक चलाने पर तीन साल कैद
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:42 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
नाहन (सिरमौर)।
जेएमआईसी की नाहन स्थित अदालत की न्यायाधीश मनीषा गोयल ने फर्जी तौर पर क्लीनिक चलाने का अभियोग साबित होने पर एक व्यक्ति को तीन साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर 3750 रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है। जुर्माना नहीं देने की सूरत में उसे अतिरिक्त सजा भोगनी पड़ेगी।
सहायक जिला न्यायवादी मोहिंद्र कुमार ने अदालत में इस मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2014 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम ने संगड़ाह में एक क्लीनिक पर छापेमारी की थी। इस दौरान क्लीनिक चलाने वाला आरोपी कर्मजीत सिंह निवासी भंबोली तहसील जगाधरी जिला यमुनानगर हरियाणा अपना वैद्य लाइसेंस पेश नहीं कर सका। वह जो दवाइयां लोगों को दे रहा था, उसके दस्तावेज भी उसके पास नहीं थे। इस संदर्भ में पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।
सहायक जिला न्यायवादी मोहिंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी करमजीत सिंह को डीआरए नाहन की ओर से 13 जनवरी 2014 को क्लीनिक की परमिशन रोनहाट मेन बाजार के लिए स्वीकृत की गई थी लेकिन वह नवीन बंसल के साथ मिलकर प्रोविजनल परमिशन के तौर पर रोनहाट की जगह संगड़ाह में बिना लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर लोगों की नब्ज टटोल रहा था। पुलिस ने अदालत में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया जिस पर अदालत ने यह सजा सुनाई।
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नाहन (सिरमौर)।
जेएमआईसी की नाहन स्थित अदालत की न्यायाधीश मनीषा गोयल ने फर्जी तौर पर क्लीनिक चलाने का अभियोग साबित होने पर एक व्यक्ति को तीन साल की साधारण कैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर 3750 रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है। जुर्माना नहीं देने की सूरत में उसे अतिरिक्त सजा भोगनी पड़ेगी।
सहायक जिला न्यायवादी मोहिंद्र कुमार ने अदालत में इस मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर 2014 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की टीम ने संगड़ाह में एक क्लीनिक पर छापेमारी की थी। इस दौरान क्लीनिक चलाने वाला आरोपी कर्मजीत सिंह निवासी भंबोली तहसील जगाधरी जिला यमुनानगर हरियाणा अपना वैद्य लाइसेंस पेश नहीं कर सका। वह जो दवाइयां लोगों को दे रहा था, उसके दस्तावेज भी उसके पास नहीं थे। इस संदर्भ में पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।
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सहायक जिला न्यायवादी मोहिंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी करमजीत सिंह को डीआरए नाहन की ओर से 13 जनवरी 2014 को क्लीनिक की परमिशन रोनहाट मेन बाजार के लिए स्वीकृत की गई थी लेकिन वह नवीन बंसल के साथ मिलकर प्रोविजनल परमिशन के तौर पर रोनहाट की जगह संगड़ाह में बिना लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर लोगों की नब्ज टटोल रहा था। पुलिस ने अदालत में आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया जिस पर अदालत ने यह सजा सुनाई।
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