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प्लास्टिक युक्त थाली, गिलास को कह दी ना
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:38 PM IST
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सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पर्यावरण की दुश्मन प्लास्टिक सामग्री से निजात दिलाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर से गांवों तक जागरूकता अभियान भी चल रहे हैं लेकिन ऐसे जागरूकता अभियान धरातल पर बिरले ही साबित हो रहे हैं।
ऐसे में गिरिपार की बनौर पंचायत सबके लिए एक मिसाल बनकर सामने आई है। बनौर पंचायत ने न सिर्फ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया बल्कि प्लास्टिक से बनी थालियों व डिस्पोजेबल गिलास आदि चीजें भी प्रतिबंधित कर दी हैं। बनौर में बुद्घिजीवियों के फैसले पर ईको फ्रेंडली को अमलीजामा पहनाने की दमदार शुरुआत हो गई है।
इसकी गवाह बनी रविवार को गांव में हो रहे विवाह समारोह की एक विशाल धाम। धाम में बैठ कर भोजन करने वाले मेहमान व ग्रामीण सभी को स्टील की थालियों में खाना परोसा गया और स्टील के ही गिलास में लोगों ने पानी पिया। ग्राम पंचायत बनौर के प्रधान सुनील चौहान, पूर्व प्रधान चतर सिंह चौहान व शिक्षक रमेश चौहान ने कहा कि बुद्घिजीवियों व शिक्षित युवाओं ने ईको फ्रेंडली कदम उठाने का फैसला लिया था। किसी भी समारोह अथवा धाम में डिस्पोजेबल (प्लास्टिक व अन्य) थालियों व गिलास पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय हुआ। रविवार को विवाह समारोह में इसकी शुरूआत भी कर दी गई है।
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पांवटा, शिलाई व गिरिपार निवासी जीवन सिंह चौहान, अच्छर सिंह चौधरी, शिवानंद शर्मा, श्याम लाल शर्मा, आत्मा राम ठाकुर, शाहबाज खान, कुलदीप शर्मा, कपिल तोमर, प्रवीण ठाकुर व सुनील भारद्वाज का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की मिसाल कायम की है। आज पूरे विश्व, देश, प्रदेश के शहर से गांव तक ऐसे ही कड़े फैसले लेना वक्त की मांग व जरूरत है।
उधर, एसडीएम पांवटा एचएस राणा व सीपीजीपी मुहिम के संयोजक आरपी तिवारी ने कहा कि समस्त बनौर ग्राम पंचायतवासी बधाई के पात्र हैं। आज की पीढ़ी के बेहतर भविष्य को कुछ ठोस कदम अभी से उठाने बेहद जरूरी है। इस कदम से अन्य पंचायतों में भी जागरूकता का संदेश पहुंचेगा। उम्मीद है कि बनौर गांव से उठी ईको फ्रेंडली पर्यावरण संरक्षण जागरूकता की अलख एक नई जागरूकता की इबारत लिखेगी।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। पर्यावरण की दुश्मन प्लास्टिक सामग्री से निजात दिलाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर से गांवों तक जागरूकता अभियान भी चल रहे हैं लेकिन ऐसे जागरूकता अभियान धरातल पर बिरले ही साबित हो रहे हैं।
ऐसे में गिरिपार की बनौर पंचायत सबके लिए एक मिसाल बनकर सामने आई है। बनौर पंचायत ने न सिर्फ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया बल्कि प्लास्टिक से बनी थालियों व डिस्पोजेबल गिलास आदि चीजें भी प्रतिबंधित कर दी हैं। बनौर में बुद्घिजीवियों के फैसले पर ईको फ्रेंडली को अमलीजामा पहनाने की दमदार शुरुआत हो गई है।
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इसकी गवाह बनी रविवार को गांव में हो रहे विवाह समारोह की एक विशाल धाम। धाम में बैठ कर भोजन करने वाले मेहमान व ग्रामीण सभी को स्टील की थालियों में खाना परोसा गया और स्टील के ही गिलास में लोगों ने पानी पिया। ग्राम पंचायत बनौर के प्रधान सुनील चौहान, पूर्व प्रधान चतर सिंह चौहान व शिक्षक रमेश चौहान ने कहा कि बुद्घिजीवियों व शिक्षित युवाओं ने ईको फ्रेंडली कदम उठाने का फैसला लिया था। किसी भी समारोह अथवा धाम में डिस्पोजेबल (प्लास्टिक व अन्य) थालियों व गिलास पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय हुआ। रविवार को विवाह समारोह में इसकी शुरूआत भी कर दी गई है।
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पांवटा, शिलाई व गिरिपार निवासी जीवन सिंह चौहान, अच्छर सिंह चौधरी, शिवानंद शर्मा, श्याम लाल शर्मा, आत्मा राम ठाकुर, शाहबाज खान, कुलदीप शर्मा, कपिल तोमर, प्रवीण ठाकुर व सुनील भारद्वाज का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की मिसाल कायम की है। आज पूरे विश्व, देश, प्रदेश के शहर से गांव तक ऐसे ही कड़े फैसले लेना वक्त की मांग व जरूरत है।
उधर, एसडीएम पांवटा एचएस राणा व सीपीजीपी मुहिम के संयोजक आरपी तिवारी ने कहा कि समस्त बनौर ग्राम पंचायतवासी बधाई के पात्र हैं। आज की पीढ़ी के बेहतर भविष्य को कुछ ठोस कदम अभी से उठाने बेहद जरूरी है। इस कदम से अन्य पंचायतों में भी जागरूकता का संदेश पहुंचेगा। उम्मीद है कि बनौर गांव से उठी ईको फ्रेंडली पर्यावरण संरक्षण जागरूकता की अलख एक नई जागरूकता की इबारत लिखेगी।