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महिला दिवस पर सड़कों पर उतरी आधी दुनिया
Updated Thu, 08 Mar 2018 10:14 PM IST
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संगड़ाह में शराब ठेके के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
संगड़ाह (सिरमौर)।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां जिलेभर में कार्यक्रमों की धूम रही, वहीं संगड़ाह में इससे उलट संघर्ष का आगाज हुआ। शराब ठेका और बीयरवार के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतरीं और जमकर प्रदर्शन किया। उपमंडल मुख्यालय पर आधा दर्जन महिला मंडलों की महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शराब का ठेका और बीयरवार बंद करने की मांग की।
महिला मंडल संगड़ाह, डाहर, टिकरी, लगनू, कड़ोली और पावरा की दर्जनों महिलाओं ने सड़कों पर उतर कर शराब ठेके के विरोध और पुरुषों द्वारा नारीशक्ति का सम्मान, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और नारी शोषण को लेकर नारेबाजी की गई। संगड़ाह बाजार से होते हुए महिलाओं की रैली एडीएम कार्यालय और बस स्टैंड तक पहुंची। महिलाओं ने उपमंडलाधिकारी को शराब का ठेका और बीयरवार बंद करवाने के बारे में ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने क्षेत्र में युवाओं की नशे की ओर बढ़ रही प्रवृत्ति को रोकने के लिए पंचायत से प्रस्ताव पारित कर उपमंडलाधिकारी को सौंपा। इसमें उन्होंने आग्रह किया है कि ठेका और बीयरवार मुख्य रास्ते में खोला गया है, जहां से हर रोज सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र गुजरते हैं। इसके अलावा गांव की महिलाएं अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी स्थान से होकर गुजरती हैं। उनका कहना है कि बीयरवार के समीप रोजाना शराबी नशे में धुत पाए जाते हैं। वे महिलाओं पर फबतियां भी कसते हैं। कई लोगों की यहां शराब के नशे में गिरने के कारण मौत भी हो चुकी है। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। लिहाजा, ठेका और बीयरवार को यहां से तुरंत हटाया जाना चाहिए।
स्कूल से 45 मीटर दूर है ठेका
संगड़ाह बाजार में खुला शराब का ठेका एक निजी पाठशाला से महज 45 मीटर की दूरी पर है। इसके बारे में उक्त स्कूल और एसएमसी के माध्यम से इस ठेके को हटाए जाने के बारे में लिखा गया था, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
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रैली में मीरा चौहान, रीता शर्मा, अन्नपूर्णा शर्मा, अमिता, गीता देवी, चंदा देवी, चंद्रकला, ललिता चौहान, रेशमी, सावित्री, विमला देवी सीमा, तारा देवी, निर्मला, रक्षा, सुधा, कांता, संतोष, पूजा, श्यामा, आशा, मनीषा सुमति, द्रौपता देवी, मथुरा, लक्ष्मी आदि शामिल रहीं।
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संगड़ाह (सिरमौर)।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जहां जिलेभर में कार्यक्रमों की धूम रही, वहीं संगड़ाह में इससे उलट संघर्ष का आगाज हुआ। शराब ठेका और बीयरवार के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतरीं और जमकर प्रदर्शन किया। उपमंडल मुख्यालय पर आधा दर्जन महिला मंडलों की महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शराब का ठेका और बीयरवार बंद करने की मांग की।
महिला मंडल संगड़ाह, डाहर, टिकरी, लगनू, कड़ोली और पावरा की दर्जनों महिलाओं ने सड़कों पर उतर कर शराब ठेके के विरोध और पुरुषों द्वारा नारीशक्ति का सम्मान, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और नारी शोषण को लेकर नारेबाजी की गई। संगड़ाह बाजार से होते हुए महिलाओं की रैली एडीएम कार्यालय और बस स्टैंड तक पहुंची। महिलाओं ने उपमंडलाधिकारी को शराब का ठेका और बीयरवार बंद करवाने के बारे में ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने क्षेत्र में युवाओं की नशे की ओर बढ़ रही प्रवृत्ति को रोकने के लिए पंचायत से प्रस्ताव पारित कर उपमंडलाधिकारी को सौंपा। इसमें उन्होंने आग्रह किया है कि ठेका और बीयरवार मुख्य रास्ते में खोला गया है, जहां से हर रोज सैकड़ों की संख्या में स्कूली छात्र गुजरते हैं। इसके अलावा गांव की महिलाएं अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी स्थान से होकर गुजरती हैं। उनका कहना है कि बीयरवार के समीप रोजाना शराबी नशे में धुत पाए जाते हैं। वे महिलाओं पर फबतियां भी कसते हैं। कई लोगों की यहां शराब के नशे में गिरने के कारण मौत भी हो चुकी है। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। लिहाजा, ठेका और बीयरवार को यहां से तुरंत हटाया जाना चाहिए।
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स्कूल से 45 मीटर दूर है ठेका
संगड़ाह बाजार में खुला शराब का ठेका एक निजी पाठशाला से महज 45 मीटर की दूरी पर है। इसके बारे में उक्त स्कूल और एसएमसी के माध्यम से इस ठेके को हटाए जाने के बारे में लिखा गया था, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
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रैली में मीरा चौहान, रीता शर्मा, अन्नपूर्णा शर्मा, अमिता, गीता देवी, चंदा देवी, चंद्रकला, ललिता चौहान, रेशमी, सावित्री, विमला देवी सीमा, तारा देवी, निर्मला, रक्षा, सुधा, कांता, संतोष, पूजा, श्यामा, आशा, मनीषा सुमति, द्रौपता देवी, मथुरा, लक्ष्मी आदि शामिल रहीं।