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विधानसभा में पुरजोर तरीके से उठाएंगे भूमिहीन कुंदन मामला: सिंघा
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:02 PM IST
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Farmer Shimla
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अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब(सिरमौर)।
विधानसभा में अब लोगों का प्रतिनिधि बनकर किसानों और गरीबों के हक में आवाज बुलंद की जाएगी। पांवटा के सैनवाला में बेदखली के बाद हुई कुंदन सिंह की मौत के मामले को भी विधानसभा में पुरजोर ढंग से उठाया जाएगा। पांवटा में आयोजित किसान सभा की बैठक के दौरान माकपा के प्रदेश महासचिव एवं ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि देशभर में 8 करोड़ खानाबदोश वनों में आशियाना बनाकर रहते हैं। देश में वन अधिकार कानून भी बना हुआ है लेकिन गरीबों को बेघर करने जैसे जुल्म अभी भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि विस में किसान सभा की मांगों व भूमिहीनों को बेदखली की आवाज को बुलंद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में 163 के तहत किया गया संशोधन अभी निरस्त नहीं हुआ है जिसमें भूमि को नियमित करने का नियम है। प्रदेश सरकार इसी आधार पर उच्च न्यायालय में अपील कर सकती है। उन्होंने कहा कि 1950 से कुंदन सिंह व उसकी पत्नी दर्शनी देवी का परिवार सैनवाला में खेती करते आ रहा है लेकिन इस दलित परिवार को बेदखल कर दिया। इसके बाद बुजुर्ग कुंदन की सदमे से मौत हो गई।
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उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर समाज को जिंदा रखने को सरकार को भी कोई ठोस कानून बनाने होंगे। वर्ष 2002 में कानून बना था, मसौदा कानून का पेश किया। डेढ़ लाख किसानों ने आवेदन किया। इससे पहले ठियोग विस क्षेत्र के विधायक सैनवाला निवासी विधवा दर्शनी देवी के घर शोक प्रकट करने पहुंचे। उन्होंने दलित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि भूमिहीन परिवारों के हक के लिए लड़ाई जारी रहगी।
इस मौके पर हिमाचल किसान सभा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तनवर, हिमाचल किसान सभा के पांवटा अध्यक्ष ओम प्रकाश, महासचिव गुरविंदर सिंह व लाल सिंह समेत सदस्य मौजूद रहे।
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पांवटा साहिब(सिरमौर)।
विधानसभा में अब लोगों का प्रतिनिधि बनकर किसानों और गरीबों के हक में आवाज बुलंद की जाएगी। पांवटा के सैनवाला में बेदखली के बाद हुई कुंदन सिंह की मौत के मामले को भी विधानसभा में पुरजोर ढंग से उठाया जाएगा। पांवटा में आयोजित किसान सभा की बैठक के दौरान माकपा के प्रदेश महासचिव एवं ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि देशभर में 8 करोड़ खानाबदोश वनों में आशियाना बनाकर रहते हैं। देश में वन अधिकार कानून भी बना हुआ है लेकिन गरीबों को बेघर करने जैसे जुल्म अभी भी जारी हैं। उन्होंने कहा कि विस में किसान सभा की मांगों व भूमिहीनों को बेदखली की आवाज को बुलंद किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल में 163 के तहत किया गया संशोधन अभी निरस्त नहीं हुआ है जिसमें भूमि को नियमित करने का नियम है। प्रदेश सरकार इसी आधार पर उच्च न्यायालय में अपील कर सकती है। उन्होंने कहा कि 1950 से कुंदन सिंह व उसकी पत्नी दर्शनी देवी का परिवार सैनवाला में खेती करते आ रहा है लेकिन इस दलित परिवार को बेदखल कर दिया। इसके बाद बुजुर्ग कुंदन की सदमे से मौत हो गई।
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उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर समाज को जिंदा रखने को सरकार को भी कोई ठोस कानून बनाने होंगे। वर्ष 2002 में कानून बना था, मसौदा कानून का पेश किया। डेढ़ लाख किसानों ने आवेदन किया। इससे पहले ठियोग विस क्षेत्र के विधायक सैनवाला निवासी विधवा दर्शनी देवी के घर शोक प्रकट करने पहुंचे। उन्होंने दलित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि भूमिहीन परिवारों के हक के लिए लड़ाई जारी रहगी।
इस मौके पर हिमाचल किसान सभा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तनवर, हिमाचल किसान सभा के पांवटा अध्यक्ष ओम प्रकाश, महासचिव गुरविंदर सिंह व लाल सिंह समेत सदस्य मौजूद रहे।
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