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जिले में ताजा बारिश और बर्फबारी से बढ़ी ठंड, किसानों को राहत
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चूड़धार चोटी पर हुआ हिमपात।
- फोटो : NAHAN
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नाहन/हरिपुरधार/नौहराधार (सिरमौर)। जनपद सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में बर्फबारी से समूचा इलाका शीतलहर की चपेट में आ गया है। चोटी पर बर्फबारी के साथ-साथ गिरिपार और जिले के निचले इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, मंगलवार को किसानों की उम्मीदों के अनुसार बारिश नहीं हो सकी। किसान अच्छी बारिश की इंतजार में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे।
हल्की बूंदाबांदी और हिमपात से जिले में ठंड बढ़ गई है। चूड़धार चोटी पर मंगलवार दोपहर बाद बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। शाम करीब 5 बजे तक चूड़धार में 12 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। चोटी पर बर्फबारी का सिलसिला लगातार जारी है।
चूड़धार में सीजन की चौथी और इस वर्ष की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। गिरिपार क्षेत्र के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों हरिपुरधार, नौहराधार, गत्ताधार, संगड़ाह, रोनहाट व शिलाई आदि क्षेत्रों में दोपहर बाद से लगातार बारिश हो रही है। चूड़धार में बर्फबारी होने से गिरिपार क्षेत्र एक बार फिर ठंड की गिरफ्त में आ गया है। मंगलवार को हरिपुरधार का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि दिन का अधिकतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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हरिपुरधार और नौहराधार क्षेत्र में बर्फबारी होने के पूरे आसार बने हुए हैं। इसलिए अगले कुछ दिनों में क्षेत्र के लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्र में यदि बर्फबारी होती है तो न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पाला जमने से कई इलाकों में पीने के पानी का भी संकट गहरा सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यदि क्षेत्र में बर्फबारी होती है तो कई सड़कें बंद हो सकती हैं। क्षेत्र के सैकड़ों गांव में बिजली का संकट भी पैदा हो सकता है। क्षेत्र में करीब एक माह बाद हुई बारिश से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है। बागवान अब अपने बागीचों में तोलियों का कार्य शुरू कर सकेंगे।
जिला मुख्यालय नाहन सहित निचले इलाकों में मंगलवार को रुक-रुक कर बारिश का दौर चलता रहा। बता दें कि निचले इलाकों में लंबे समय से बारिश नहीं हो पाई है। किसान रामस्वरूप, केवल सिंह, उदयराम व जीवन सिंह आदि ने बताया कि इस समय बारिश की सख्त जरूरत है। बिना बारिश के गेहूं की फसल खराब होने लगी है। अच्छी बारिश के बाद ही गेहूं समेत अन्य फसलों को संजीवनी मिल सकती है। एक दो दिन में अच्छी बारिश होती है तो सूखी ठंड से भी लोगों को राहत मिल पाएगी।
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हल्की बूंदाबांदी और हिमपात से जिले में ठंड बढ़ गई है। चूड़धार चोटी पर मंगलवार दोपहर बाद बर्फबारी का दौर शुरू हुआ। शाम करीब 5 बजे तक चूड़धार में 12 सेंटीमीटर तक ताजा हिमपात हुआ है। चोटी पर बर्फबारी का सिलसिला लगातार जारी है।
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चूड़धार में सीजन की चौथी और इस वर्ष की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। गिरिपार क्षेत्र के मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों हरिपुरधार, नौहराधार, गत्ताधार, संगड़ाह, रोनहाट व शिलाई आदि क्षेत्रों में दोपहर बाद से लगातार बारिश हो रही है। चूड़धार में बर्फबारी होने से गिरिपार क्षेत्र एक बार फिर ठंड की गिरफ्त में आ गया है। मंगलवार को हरिपुरधार का न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जबकि दिन का अधिकतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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हरिपुरधार और नौहराधार क्षेत्र में बर्फबारी होने के पूरे आसार बने हुए हैं। इसलिए अगले कुछ दिनों में क्षेत्र के लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्र में यदि बर्फबारी होती है तो न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पाला जमने से कई इलाकों में पीने के पानी का भी संकट गहरा सकता है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यदि क्षेत्र में बर्फबारी होती है तो कई सड़कें बंद हो सकती हैं। क्षेत्र के सैकड़ों गांव में बिजली का संकट भी पैदा हो सकता है। क्षेत्र में करीब एक माह बाद हुई बारिश से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है। बागवान अब अपने बागीचों में तोलियों का कार्य शुरू कर सकेंगे।
जिला मुख्यालय नाहन सहित निचले इलाकों में मंगलवार को रुक-रुक कर बारिश का दौर चलता रहा। बता दें कि निचले इलाकों में लंबे समय से बारिश नहीं हो पाई है। किसान रामस्वरूप, केवल सिंह, उदयराम व जीवन सिंह आदि ने बताया कि इस समय बारिश की सख्त जरूरत है। बिना बारिश के गेहूं की फसल खराब होने लगी है। अच्छी बारिश के बाद ही गेहूं समेत अन्य फसलों को संजीवनी मिल सकती है। एक दो दिन में अच्छी बारिश होती है तो सूखी ठंड से भी लोगों को राहत मिल पाएगी।