फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   मार्च-अप्रैल में ही आग ने मचाया तांडव

मार्च-अप्रैल में ही आग ने मचाया तांडव

Sat, 27 Apr 2019 08:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2019 08:18 PM IST
विज्ञापन
मार्च-अप्रैल में ही आग ने मचाया तांडव
फाइलों में सिमटी फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना
विज्ञापन

दो माह में अग्निकांड के दो दर्जन मामले, लाखों का नुकसान
शहर में पांच हाइड्रेंट; एक खराब, चार में प्रेशर नहीं
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा साहिब क्षेत्र में गर्मियों के मौसम में हर वर्ष आग की घटनाओं से करोड़ों की क्षति होती है। लेकिन, इस साल मार्च-अप्रैल में ही आग ने तांडव मचा दिया है। इन दो महीनों की अवधि में अब तक दो दर्जन से अधिक आग के मामले हो चुके हैं। इसमें लाखों रुपयों का नुकसान हो चुका है। उस पर शहर में हाइड्रेंट लगाने की योजना फाइलों में सिमट गई है। हजारों की आबादी वाले पांवटा शहर में महज पांच हाइड्रेंट लगे हैं। इनमें से एक खराब चल रहा है, जबकि चार में प्रेशर ही नहीं है।
एक दशक पहले पांवटा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 179 फायर हाइड्रेंट लगाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन अब यह योजना ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। पांवटा के क्षेत्रों में पिछले एक दशक से आग के कारण करोड़ों की क्षति हो चुकी है। हर वर्ष फायर सीजन बुरी खबर लेकर आता है। पिछले कुछ वर्षो में गोंदपुर, रामपुरघाट समेत पांवटा के औद्योगिक क्षेत्रों सहित शहरी क्षेत्र में भी दर्जनों अग्निकांड के मामले सामने आ चुके हैं। इस दौरान बेहतर प्रेशर वाले फायर हाइड्रेंट की जरूरत होती है, जिससे फायर स्टेशन से पहुंचने वाले वाटर टेंडर (वाहन) को आग बुझाने के लिए उचित पानी मिल सके। पांवटा से फायर स्टेशन करीब आठ किलोमीटर मालवा कॉटन के समीप सूरजपुर में है। अग्निशमन वाहन पहुंचने से पहले ही करोड़ों की क्षति हो चुकी होती है। अप्रैल से फायर सीजन शुरू होने पर विभाग के लिए आग की घटनाओं से निपटना चुनौती भरा रहता है। पांवटा साहिब में गोंदपुर, रामपुरघाट, राजबन, सतौन, गिरिपार के खोड़ोंवाला, बद्रीपुर, हीरपुर, सूरजपुर, पुरुवाला, किशनपुरा, केदारपुर समेत कुंजा मतरालियों आदि संवेदनशील क्षेत्रों में सैकड़ों छोटी-बड़ी दुकानें और औद्योगिक इकाइयां हैं। गर्मियों के सीजन में आग से हर वर्ष करोड़ों की क्षति होती है। इस वर्ष मार्च से 27 अप्रैल तक आग के दो दर्जन मामले हो चुके हैं। इनमें गेहूं के खेतों में सैकड़ों बीघा भूमि पर फसल जल कर स्वाह हो चुकी है। गोशालाओं में आग से मवेशियों के मरने के मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन

हाइड्रेंट योजना मंजूरी को भेजी : चौधरी
फायर स्टेशन पांवटा (मालवा) केंद्र फायर ऑफिसर प्रेम चंद चौधरी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले करीब 179 फायर हाइड्रेंट लगाने का प्राक्कलन सरकार और आईपीएच विभाग को भेजा गया था। इसके बाद शहरी क्षेत्र में करीब 32 फायर हाइड्रेंट लगाए जाने हैं। लेकिन, अभी योजना का कार्य शुरू नहीं हो सका है। पांवटा शहर में दशकों पुराने पांच हाइड्रेंट लगे हैं। इनमें से एक बंद है, जबकि 4 की हालत ज्यादा बेहतर नहीं है। फायर हाइड्रेंट को सीधे पेयजल आपूर्ति लाइन से जोड़ा गया है, जिससे इनमें प्रेशर बेहद कम रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed