फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   खट्टी-मीठी यादों के साथ अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला संपन्न

खट्टी-मीठी यादों के साथ अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला संपन्न

Sat, 24 Nov 2018 10:27 PM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 10:27 PM IST
विज्ञापन
खट्टी-मीठी यादों के साथ अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला संपन्न
खट्टी-मीठी यादें छोड़ गया अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला
विज्ञापन

ढाई सौ से अधिक कलाकारों ने दिखाई अपनी प्रतिभा
पुलिस कार्यप्रणाली रक उठे सवाल, नहीं था तालमेल
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। कुछ खट्टी कुछ मीठी यादों को समेटे अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। इस वर्ष मेले में व्यवस्थाओं को जुटाने और मेलार्थियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। इसकी सराहना राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी की। मेले के दौरान जहां स्थानीय जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के करीब 250 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन किया वहीं, प्रदेश की लोकसंस्कृति से भी दर्शकों को रूबरू करवाया। क्षेत्र और पड़ोसी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने देवताओं के नजदीक से दर्शन पाने का अवसर भी प्राप्त किया। मेले में कलाकारों के रहन-सहन और भोजन आदि की भी बेहतर व्यवस्था के चलते प्रशासन की प्रशंसा हुई। मेले के दौरान मैस की व्यवस्था हर वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक बेहतर पाई गई। कुल मिलाकर मेले में दुकानदारों का कारोबार भी अच्छा रहा। लेकिन, अकेले दुकानदारों से ही मेला प्रशासन ने 50 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित की जो हर वर्ष की तुलना में सर्वाधिक है। मेले में बढ़ती वाहनों की तादाद के चलते यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई। इसको लेकर पुलिस विभाग की जमकर किरकिरी हुई। वहीं, गिरि नदी पर अस्थायी पुल का निर्माण न होना भी जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बन गया। मेले के दौरान एक दुकानदार से मारपीट और चोरी की घटना सामने आई, जिससे बाहर से आए दुकानदारों में जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। पुलिस की पर्याप्त व्यवस्था के बावजूद व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस का कोई बंदोबस्त नहीं था। अधिकतर पुलिस कर्मी मेला घूमने का ही आनंद उठाते दिखाई दिए। मेले के दौरान जिला और पुलिस प्रशासन ने ओवरलोडिंग वाहन चालकों पर कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन मेला अवधि के दौरान लगातार बसों में ओवरलोडिंग देखी गई। इन पर पुलिस प्रशासन अंकुश नहीं लगाया पाया। यही नहीं, पुलिस जवानों में आपसी तालमेल की भी साफ कमी दिखाई दी। पुलिस के कुछ जवानों ने बाहर से आए वाहनों को सड़क किनारे खड़े करने की जगह दिखाई। बाद में उन वाहनों के पुलिस ने खुद चालान कर दिए। इससे वाहन मालिकों में भारी रोष देखा गया। रेणुका थाने के एसएचओ को जब पुलिस कर्मियों की ओर से वाहन खड़े करने की बात बताई गई। उसके बाद भी आमजन के प्रति उनमें सहयोग की कोई भावना नजर नहीं आई। बहरहाल मेला बाजार में अभी भी खरीदारी का जोर बना हुआ है। लोग अपनी पसंदीदा वस्तुओं को खरीदने मेला मैदान पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed