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कांशीवाला में भूस्खलन से मकानों पर गिरा मलबा
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:12 PM IST
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कांशीवाला में भूस्खलन से मकानों पर गिरा मलबा
नाहन (सिरमौर)। शहर के कांशीवाला स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में भूस्खलन से घरों के पीछे भारी मलबा और पत्थर आ गिरे। इससे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस कॉलोनी में सरकार की ओर से बीपीएल परिवारों को 30-30 मीटर जगह मकान बनाने के लिए दी गई है लेकिन, भूस्खलन के कारण घरों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उर्मिला और पप्पू गोसांई ने बताया कि दोनों के मकान बिलकुल साथ सटे हैं। रात के समय भूस्खलन के कारण सारा मलबा उनके मकान के पीछे आ गिरा। उन्होंने बताया कि मलबे के साथ बड़े पत्थर भी गिर गए। इससे पहले नगर परिषद और जिला प्रशासन को इस बारे में कई बार अवगत कराया गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि घर के पीछे डंगा निर्माण के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। बरसात में दोनों मकान खतरे की जद में हैं। उन्होंने नप और प्रशासन से फिर मांग दोहराते हुए कहा कि डंगे का निर्माण जल्द करवाया जाए। उन्होंने कहा कि रात को आए मलबे से शौचालय को भी नुकसान पहुंचा है और शीट भी खराब हो गई है।
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नाहन (सिरमौर)। शहर के कांशीवाला स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में भूस्खलन से घरों के पीछे भारी मलबा और पत्थर आ गिरे। इससे घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस कॉलोनी में सरकार की ओर से बीपीएल परिवारों को 30-30 मीटर जगह मकान बनाने के लिए दी गई है लेकिन, भूस्खलन के कारण घरों को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उर्मिला और पप्पू गोसांई ने बताया कि दोनों के मकान बिलकुल साथ सटे हैं। रात के समय भूस्खलन के कारण सारा मलबा उनके मकान के पीछे आ गिरा। उन्होंने बताया कि मलबे के साथ बड़े पत्थर भी गिर गए। इससे पहले नगर परिषद और जिला प्रशासन को इस बारे में कई बार अवगत कराया गया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि घर के पीछे डंगा निर्माण के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। बरसात में दोनों मकान खतरे की जद में हैं। उन्होंने नप और प्रशासन से फिर मांग दोहराते हुए कहा कि डंगे का निर्माण जल्द करवाया जाए। उन्होंने कहा कि रात को आए मलबे से शौचालय को भी नुकसान पहुंचा है और शीट भी खराब हो गई है।