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एसएमसी अध्यापकों ने मांगी स्थाई नीति
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:11 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। एसएमसी अध्यापक संघ की शिलाई इकाई ने प्रदेश सरकार से एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। अपनी मांगों को लेकर संघ की एक बैठक लोनिवि के विश्राम गृह में आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता संघ अध्यक्ष राय सिंह ने की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में तैनात एसएमसी अध्यापक मौजूद रहे। बैठक में सर्वप्रथम एसएमसी अध्यापकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का 90 फीसदी मानदेय बढ़ाने तथा उनकी जगह किसी अन्य नियमित अध्यापक को नहीं भेजने के निर्णय के लिए आभार प्रकट किया। तदोपरांत एसएमसी अध्यापकों के समक्ष पेश आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई।
राय सिंह ने कहा कि एसएमसी अध्यापक दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलाए हुए हैं। पीरियड आधार पर तैनात एसएमसी अध्यापक नियमित अध्यापक के बराबर ही कार्य कर रहे हैं। अपने कार्य के अलावा अतिरिक्त कार्य भी उन्हें दिया गया है। इसके लिए उन्होंने कभी इंकार नहीं किया लेकिन एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति नहीं बनाई गई है जिस कारण उन्हें अपना भविष्य अंधकार में नजर आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री हमेशा से ही कर्मचारी हितैषी रहे हैं। ऐसे में उन्हें जल्द से जल्द एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनानी चाहिए। इस कार्य के लिए एसएमसी अध्यापक आजीवन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आभारी रहेंगे।
इस मौके पर सोहन चौहान, सुरेश कुमार, प्रदीप ठाकुर, ओम प्रकाश, महेंद्र नेगी, जगपाल शर्मा, लाल सिंह, देवेंद्र चौहान, संदीप नेगी, इंद्र राणा, कपिल देव, मदन सिंह, वंदना, सुनीता पुंडीर, सुनील, नीलम, अंजना, अनिता देवी सहित कई एसएमसी अध्यापक रहे।
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--एसएमसी अध्यापकों ने मांगी स्थायी नीति
मानदेय बढ़ाने के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार
शिलाई (सिरमौर)। एसएमसी अध्यापक संघ की शिलाई इकाई ने प्रदेश सरकार से एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। अपनी मांगों को लेकर संघ की एक बैठक लोनिवि के विश्राम गृह में आयोजित हुई जिसकी अध्यक्षता संघ अध्यक्ष राय सिंह ने की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में तैनात एसएमसी अध्यापक मौजूद रहे। बैठक में सर्वप्रथम एसएमसी अध्यापकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का 90 फीसदी मानदेय बढ़ाने तथा उनकी जगह किसी अन्य नियमित अध्यापक को नहीं भेजने के निर्णय के लिए आभार प्रकट किया। तदोपरांत एसएमसी अध्यापकों के समक्ष पेश आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई।
राय सिंह ने कहा कि एसएमसी अध्यापक दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलाए हुए हैं। पीरियड आधार पर तैनात एसएमसी अध्यापक नियमित अध्यापक के बराबर ही कार्य कर रहे हैं। अपने कार्य के अलावा अतिरिक्त कार्य भी उन्हें दिया गया है। इसके लिए उन्होंने कभी इंकार नहीं किया लेकिन एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति नहीं बनाई गई है जिस कारण उन्हें अपना भविष्य अंधकार में नजर आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री हमेशा से ही कर्मचारी हितैषी रहे हैं। ऐसे में उन्हें जल्द से जल्द एसएमसी अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनानी चाहिए। इस कार्य के लिए एसएमसी अध्यापक आजीवन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आभारी रहेंगे।
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इस मौके पर सोहन चौहान, सुरेश कुमार, प्रदीप ठाकुर, ओम प्रकाश, महेंद्र नेगी, जगपाल शर्मा, लाल सिंह, देवेंद्र चौहान, संदीप नेगी, इंद्र राणा, कपिल देव, मदन सिंह, वंदना, सुनीता पुंडीर, सुनील, नीलम, अंजना, अनिता देवी सहित कई एसएमसी अध्यापक रहे।
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--एसएमसी अध्यापकों ने मांगी स्थायी नीति
मानदेय बढ़ाने के लिए जताया मुख्यमंत्री का आभार