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स्लाइडिंग जोन में बस का इंतजार कर रहे नौनिहाल
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:29 PM IST
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सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा से शिलाई एनएच-707 मार्ग पर दर्जनों स्कूली बच्चों का जीवन खतरे में है। स्लाइडिंग जोन में दो पंचायतों के नौनिहाल रोज बस का इंतजार कर रहे हैं जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। एनएच प्राधिकरण, बढ़वास व कमरऊ पंचायत को समय रहते समस्या का समाधान करना चाहिए।
कमरऊ निवासी जीवन सिंह, कपिल तोमर, प्रवेश शर्मा, सीमा, बबीता तोमर, बढ़वास निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान व विनोद चौहान का कहना है कि रोज स्कूली बच्चों का जीवन दांव पर है। एनएच मार्ग पर कालीढांग-पाड़छा के समीप सुबह रोज 40 से 60 स्कूली बच्चे व ग्रामीण एक सीधी पहाड़ी के नीचे बस का इंतजार करते हैं। यह पहाड़ी भू-स्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील है। इस स्थल पर कमरऊ व बढ़वास पंचायत के उप गांव बासोग, ंटिंबी, गुईला, चंजोत, खुईनल, शिलड़ी व पाड़छा के दर्जनों स्कूली बच्चे सुबह बस का इंतजार करते हैं। बारिश या धूप में इन बच्चों व यात्रियों को कोई वर्षाशालिका नहीं बनी है।
बड़वास पंचायत के प्रधान साधू राम ने कहा कि इस स्थल पर स्लाइडिंग का काफी खतरा है। इसलिए तिलानी व पाड़छा-कालीढांग में एनएच के समीप वर्षाशालिका को प्रस्ताव में डाला जा रहा है।
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उधर, एनएच प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता वीके अग्रवाल ने बताया कि पांवटा से गुम्मा एनएच डब्बल लेन का प्रपोजल है। स्वीकृति मिलने पर ही रेन शेल्टर बनाए जा सकेंगे।
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पांवटा साहिब (सिरमौर)।
पांवटा से शिलाई एनएच-707 मार्ग पर दर्जनों स्कूली बच्चों का जीवन खतरे में है। स्लाइडिंग जोन में दो पंचायतों के नौनिहाल रोज बस का इंतजार कर रहे हैं जिससे कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। एनएच प्राधिकरण, बढ़वास व कमरऊ पंचायत को समय रहते समस्या का समाधान करना चाहिए।
कमरऊ निवासी जीवन सिंह, कपिल तोमर, प्रवेश शर्मा, सीमा, बबीता तोमर, बढ़वास निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान व विनोद चौहान का कहना है कि रोज स्कूली बच्चों का जीवन दांव पर है। एनएच मार्ग पर कालीढांग-पाड़छा के समीप सुबह रोज 40 से 60 स्कूली बच्चे व ग्रामीण एक सीधी पहाड़ी के नीचे बस का इंतजार करते हैं। यह पहाड़ी भू-स्खलन के लिहाज से अति संवेदनशील है। इस स्थल पर कमरऊ व बढ़वास पंचायत के उप गांव बासोग, ंटिंबी, गुईला, चंजोत, खुईनल, शिलड़ी व पाड़छा के दर्जनों स्कूली बच्चे सुबह बस का इंतजार करते हैं। बारिश या धूप में इन बच्चों व यात्रियों को कोई वर्षाशालिका नहीं बनी है।
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बड़वास पंचायत के प्रधान साधू राम ने कहा कि इस स्थल पर स्लाइडिंग का काफी खतरा है। इसलिए तिलानी व पाड़छा-कालीढांग में एनएच के समीप वर्षाशालिका को प्रस्ताव में डाला जा रहा है।
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उधर, एनएच प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता वीके अग्रवाल ने बताया कि पांवटा से गुम्मा एनएच डब्बल लेन का प्रपोजल है। स्वीकृति मिलने पर ही रेन शेल्टर बनाए जा सकेंगे।