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डलहौजी में ट्रेनिंग कोर्स के दौरान सेना के जवान का निधन
Updated Thu, 02 Aug 2018 10:52 PM IST
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डलहौजी में सिरमौर के फौजी का निधन
ड्यूटी के दौरान पड़ा दिल का दौरा, क्षेत्र में शोक की लहर
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। डलहौजी में ट्रेनिंग कोर्स के दौरान सिरमौर के फौजी का निधन हो गया है। पैतृक गांव में निधन की खबर पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। सेना का जवान अपने पीछे दो बेटे और पत्नी को छोड़ गया। जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने पर शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी के अनुसार 14 जैक राइफल डलहौजी में नायब सूबेदार के ट्रेनिंग कोर्स के दौरान धारटीधार की बाड़थल मधाना पंचायत के गांव बाड़थल निवासी हवलदार यशपाल को दौड़ते वक्त दिल का दौड़ा पड़ गया। इसके बाद जवान को हेलीकाप्टर से पठानकोट ले जाया गया, जहां से उन्हें आरआर अस्पताल दिल्ली पहुंचाया गया। बुधवार दोपहर 3:15 बजे जवान ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। जवान के निधन का समाचार मिलते ही पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वह अपने पीछे पत्नी दीना देवी के साथ 10 और 8 साल के दो बेटों के अलावा सौ वर्षीय पिता अलबेल सिंह और माता कृष्णा देवी को भी छोड़ गए हैं। दिवंगत जवान के शतकवीर पिता अलबेल सिंह भी 1955 में सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। बूढ़े पिता के बेटों के अलावा पोते भी फौज में देश की सेवा करने में जुटे हैं।
बाड़थल गांव के कमलेंद्र सिंह ठाकुर, सुभाष ठाकुर, कुलदीप, वीरबल, वीरपाल, राजेंद्र फौजी, गोपाल फौजी, सुरेंद्र फौजी और विक्रम सिंह ने अपने गांव के वीर जवान के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने बताया कि दिवंगत यशपाल के निधन पर पूरा परिवार सदमे में है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उन्होंने बताया कि पैतृक गांव में दिवंगत का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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ड्यूटी के दौरान पड़ा दिल का दौरा, क्षेत्र में शोक की लहर
अमर उजाला ब्यूरो
ददाहू (सिरमौर)। डलहौजी में ट्रेनिंग कोर्स के दौरान सिरमौर के फौजी का निधन हो गया है। पैतृक गांव में निधन की खबर पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। सेना का जवान अपने पीछे दो बेटे और पत्नी को छोड़ गया। जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने पर शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी के अनुसार 14 जैक राइफल डलहौजी में नायब सूबेदार के ट्रेनिंग कोर्स के दौरान धारटीधार की बाड़थल मधाना पंचायत के गांव बाड़थल निवासी हवलदार यशपाल को दौड़ते वक्त दिल का दौड़ा पड़ गया। इसके बाद जवान को हेलीकाप्टर से पठानकोट ले जाया गया, जहां से उन्हें आरआर अस्पताल दिल्ली पहुंचाया गया। बुधवार दोपहर 3:15 बजे जवान ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। जवान के निधन का समाचार मिलते ही पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वह अपने पीछे पत्नी दीना देवी के साथ 10 और 8 साल के दो बेटों के अलावा सौ वर्षीय पिता अलबेल सिंह और माता कृष्णा देवी को भी छोड़ गए हैं। दिवंगत जवान के शतकवीर पिता अलबेल सिंह भी 1955 में सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। बूढ़े पिता के बेटों के अलावा पोते भी फौज में देश की सेवा करने में जुटे हैं।
बाड़थल गांव के कमलेंद्र सिंह ठाकुर, सुभाष ठाकुर, कुलदीप, वीरबल, वीरपाल, राजेंद्र फौजी, गोपाल फौजी, सुरेंद्र फौजी और विक्रम सिंह ने अपने गांव के वीर जवान के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने बताया कि दिवंगत यशपाल के निधन पर पूरा परिवार सदमे में है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उन्होंने बताया कि पैतृक गांव में दिवंगत का पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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