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सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रांसपोर्ट सोसायटी के पंजीकरण रदद
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:32 PM IST
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सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रांसपोर्ट सोसायटी के पंजीकरण रद्द
आरसीएस टीम की जांच के बाद रद्द किया पंजीकरण: एसडीएम
राजनीतिक दबाव में फैसला, हाईकोर्ट में करेंगे अपील : प्रदीप सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रक ऑपरेटर सोसायटी के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरसीएस के जांच अधिकारी की टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम पांवटा ने सोसायटी का पंजीकरण रद्द कर दिया है। रिपोर्ट में सोसायटी अधिनियम के नियम-कानून के उल्लंघन के चलते यह फैसला लिया गया है। अब, मल्टीएक्सेल सोसायटी के प्रधान ने हाईकोर्ट में अपील करने का फैसला लिया है।
कई दशकों से सिरमौर ट्रक ऑपरेटर सोसायटी पांवटा सीसीआई राजबन से सीमेंट ढुलाई कार्य कर रही थी। लेकिन, मई माह से मल्टीएक्सल सोसायटी को ढुलाई का टेंडर मिल गया। इसके बाद काफी समय तक मल्टीएक्सल व सिरमौर ट्रक सोसायटी के बीच ढुलाई विवाद चलता रहा। हाईकोर्ट ने मल्टीएक्सल यूनियन के पक्ष में फैसला देते हुए ढुलाई के लिए पुलिस सुरक्षा देने के भी आदेश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने राजबन उद्योग के आसपास धारा-144 लगा दी। पुलिस सुरक्षा में दूसरे राज्यों की सीमा तक मल्टीएक्सल सोसायटी के वाहन भेजे जा रहे हैं। पुलिस सुरक्षा में लगे जवानों का खर्च करीब 11 लाख मल्टीएक्सल सोसायटी ने जमा नहीं करवाया। इसका भी विवाद चल रहा है। इसमें कोर्ट से उक्त राशि को जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे। अब, इस मामले में नया मोड़ आ गया है। इस सोसायटी की चेयरपर्सन व कोषाध्यक्ष ने सोसायटी की मान्यता रद्द करने की डीसी सिरमौर के पास अपील की थी। इसके बाद आरसीएस नाहन की टीम गठित की गई। इसको 4 सप्ताह के भीतर शिकायत की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। इस दौरान मल्टीएक्सल सोसायटी अध्यक्ष ने दोनों पदाधिकारी को हटाने की बात कही। टीम की रिपोर्ट में पाया कि पंजीकरण के समय 9 सदस्य रहे। अब 55 में से 5 सदस्य बाहर के होने की बात सामने आई। गवर्निंग बॉडी को बदलने का 14 दिन के भीतर कोई नोटिस नहीं दिया गया। टीम ने पाया कि सोसायटी में पंजीकरण एक्ट -2006 का उल्लंघन हुआ है। सोसायटी ने सीसीआई राजबन में सीमेंट टेंडर लिया है। इससे लाभ कमाने का लक्ष्य व उद्देश्य साफ लग रहा है।
रिपोर्ट एसडीएम पांवटा के पास आगामी कार्रवाई के लिए पहुंची। इसके बाद सोसायटी का पंजीकरण ही रद्द किया गया।
उधर, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने पुष्टि की है। एसडीएम ने कहा कि सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रांसपोर्ट सोसायटी का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। साथ ही अध्यक्ष को पंजीकरण के वास्तविक प्रति जमा करवाने को कहा गया है। गठित एआरसीएस जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इधर, सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रांसपोर्ट सोसाइटी प्रधान प्रदीप सिंह ने कहा कि राजनीतिक दबाव में पंजीकरण रद्द किया गया है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
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आरसीएस टीम की जांच के बाद रद्द किया पंजीकरण: एसडीएम
राजनीतिक दबाव में फैसला, हाईकोर्ट में करेंगे अपील : प्रदीप सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रक ऑपरेटर सोसायटी के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरसीएस के जांच अधिकारी की टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद एसडीएम पांवटा ने सोसायटी का पंजीकरण रद्द कर दिया है। रिपोर्ट में सोसायटी अधिनियम के नियम-कानून के उल्लंघन के चलते यह फैसला लिया गया है। अब, मल्टीएक्सेल सोसायटी के प्रधान ने हाईकोर्ट में अपील करने का फैसला लिया है।
कई दशकों से सिरमौर ट्रक ऑपरेटर सोसायटी पांवटा सीसीआई राजबन से सीमेंट ढुलाई कार्य कर रही थी। लेकिन, मई माह से मल्टीएक्सल सोसायटी को ढुलाई का टेंडर मिल गया। इसके बाद काफी समय तक मल्टीएक्सल व सिरमौर ट्रक सोसायटी के बीच ढुलाई विवाद चलता रहा। हाईकोर्ट ने मल्टीएक्सल यूनियन के पक्ष में फैसला देते हुए ढुलाई के लिए पुलिस सुरक्षा देने के भी आदेश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन ने राजबन उद्योग के आसपास धारा-144 लगा दी। पुलिस सुरक्षा में दूसरे राज्यों की सीमा तक मल्टीएक्सल सोसायटी के वाहन भेजे जा रहे हैं। पुलिस सुरक्षा में लगे जवानों का खर्च करीब 11 लाख मल्टीएक्सल सोसायटी ने जमा नहीं करवाया। इसका भी विवाद चल रहा है। इसमें कोर्ट से उक्त राशि को जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे। अब, इस मामले में नया मोड़ आ गया है। इस सोसायटी की चेयरपर्सन व कोषाध्यक्ष ने सोसायटी की मान्यता रद्द करने की डीसी सिरमौर के पास अपील की थी। इसके बाद आरसीएस नाहन की टीम गठित की गई। इसको 4 सप्ताह के भीतर शिकायत की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। इस दौरान मल्टीएक्सल सोसायटी अध्यक्ष ने दोनों पदाधिकारी को हटाने की बात कही। टीम की रिपोर्ट में पाया कि पंजीकरण के समय 9 सदस्य रहे। अब 55 में से 5 सदस्य बाहर के होने की बात सामने आई। गवर्निंग बॉडी को बदलने का 14 दिन के भीतर कोई नोटिस नहीं दिया गया। टीम ने पाया कि सोसायटी में पंजीकरण एक्ट -2006 का उल्लंघन हुआ है। सोसायटी ने सीसीआई राजबन में सीमेंट टेंडर लिया है। इससे लाभ कमाने का लक्ष्य व उद्देश्य साफ लग रहा है।
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रिपोर्ट एसडीएम पांवटा के पास आगामी कार्रवाई के लिए पहुंची। इसके बाद सोसायटी का पंजीकरण ही रद्द किया गया।
उधर, एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा ने पुष्टि की है। एसडीएम ने कहा कि सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रांसपोर्ट सोसायटी का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। साथ ही अध्यक्ष को पंजीकरण के वास्तविक प्रति जमा करवाने को कहा गया है। गठित एआरसीएस जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इधर, सिरमौर मल्टीएक्सल ट्रांसपोर्ट सोसाइटी प्रधान प्रदीप सिंह ने कहा कि राजनीतिक दबाव में पंजीकरण रद्द किया गया है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
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