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शिलाई कॉलेज में प्राध्यापकों और अन्य स्टाफ के कई पद रिक्त
Updated Tue, 15 May 2018 10:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शिलाई (सिरमौर)। बिना गुरु शिक्षा की जोत जलाना मुश्किल की ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। बावजूद इसके प्रदेश सरकार ने जिला में कुकरमुत्तों की तरह स्कूल-कॉलेज तो खोल दिए लेकिन उसमें शिक्षा के लिए जरूरी अध्यापक देना भूल गई। ऐसा ही कुछ हाल शिलाई कॉलेज का भी है। यहां पर कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है जिसकी वजह से यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है।
हैरत की बात तो यह है कि यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के अभिभावक प्रदेश सरकार से खाली पदों को भरने की मांग करते-करते थक चुके हैं लेकिन अभी तक खाली पद नहीं भरे गए जिसे लेकर विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में रोष उत्पन्न हो गया है।
अभिभावक-प्राध्यापक संघ ने अब इस मसले को सीधे मुख्यमंत्री से उठाने का मन बना लिया है। शिलाई कॉलेज के अभिभावक-प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष बिशन तोमर, उपाध्यक्ष खतर सिंह, सह-सचिव दलीप सिंह, कोषाध्यक्ष नरेश चौहान ने बताया कि इस महाविद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है जिस कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में विज्ञान संकाय में चार, वाणिज्य संकाय में दो, कला संकाय में भूगोल, अंग्रेजी तथा संगीत में एक-एक पद, प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष, पुस्तकालय सहायक, अधीक्षक ग्रेड-2, वरिष्ठ सहायक, स्टोर कीपर, चौकीदार तथा सफाई कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। इन रिक्त पदों पर नियुक्तियों के लिए संघ कई बार आवाज उठा चुका है लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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उन्होंने बताया कि अब इस मसले पर सीधे मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। मुख्यमंत्री के शिलाई प्रवास के दौरान संघ सीधे मुख्यमंत्री से मिलेगा तथा कॉलेज की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत करवाएगा। यदि स्थिति फिर भी नहीं सुधरती है तो अन्य मार्ग इख्तियार किया जाएगा।
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शिलाई (सिरमौर)। बिना गुरु शिक्षा की जोत जलाना मुश्किल की ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। बावजूद इसके प्रदेश सरकार ने जिला में कुकरमुत्तों की तरह स्कूल-कॉलेज तो खोल दिए लेकिन उसमें शिक्षा के लिए जरूरी अध्यापक देना भूल गई। ऐसा ही कुछ हाल शिलाई कॉलेज का भी है। यहां पर कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है जिसकी वजह से यहां पर शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है।
हैरत की बात तो यह है कि यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के अभिभावक प्रदेश सरकार से खाली पदों को भरने की मांग करते-करते थक चुके हैं लेकिन अभी तक खाली पद नहीं भरे गए जिसे लेकर विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों में रोष उत्पन्न हो गया है।
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अभिभावक-प्राध्यापक संघ ने अब इस मसले को सीधे मुख्यमंत्री से उठाने का मन बना लिया है। शिलाई कॉलेज के अभिभावक-प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष बिशन तोमर, उपाध्यक्ष खतर सिंह, सह-सचिव दलीप सिंह, कोषाध्यक्ष नरेश चौहान ने बताया कि इस महाविद्यालय में कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता ही नहीं है जिस कारण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में विज्ञान संकाय में चार, वाणिज्य संकाय में दो, कला संकाय में भूगोल, अंग्रेजी तथा संगीत में एक-एक पद, प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालयाध्यक्ष, पुस्तकालय सहायक, अधीक्षक ग्रेड-2, वरिष्ठ सहायक, स्टोर कीपर, चौकीदार तथा सफाई कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं। इन रिक्त पदों पर नियुक्तियों के लिए संघ कई बार आवाज उठा चुका है लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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उन्होंने बताया कि अब इस मसले पर सीधे मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। मुख्यमंत्री के शिलाई प्रवास के दौरान संघ सीधे मुख्यमंत्री से मिलेगा तथा कॉलेज की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत करवाएगा। यदि स्थिति फिर भी नहीं सुधरती है तो अन्य मार्ग इख्तियार किया जाएगा।