{"_id":"5a5e09e14f1c1b88268b4bd7","slug":"101516112353-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मिला हाटी समुदाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद की अगुवाई में मुख्यमंत्री से मिला हाटी समुदाय
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:49 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
राजगढ़ (सिरमौर)।
जिला सिरमौर के गिरिपार को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने के मामले को लेकर हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल लोकसभा सांसद वीरेंद्र कश्यप के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से शिमला में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत करवाते हुए कहा कि सिरमौर रियासत का हिस्सा रहा जौंसार बाबर क्षेत्र वर्ष 1968 में जनजातीय घोषित हो चुका है, लेकिन सिरमौर का गिरिपार क्षेत्र पांच दशक बाद भी इस सुविधा से वंचित है।
प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनजातीय अनुसंधान संस्थान केंद्र से सर्वे करवाने के बाद समूचे गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय घोषित करने की सिफारिश दो वर्ष पहले कर दी थी। तब से यह मामला वहां लंबित पड़ा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह भी अपनी सिफारिश इस मामले में करके प्रधानमंत्री को भेजें। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूरे मामले को ध्यान से सुना और उन्होंने भरोसा दिलाया कि गिरिपार क्षेत्र की दशकों पुरानी यह मांग जायज है और भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल है। इसलिए वह इसे पूरा करने की सिफारिश का पत्र प्रधानमंत्री को भेजेंगे। प्रतिनिधिमंडल में सांसद वीरेंद्र कश्यप के साथ विधायक पच्छाद सुरेश कश्यप, भाजपा नेता चंद्रमोहन ठाकुर, केंद्रीय हाटी समिति के सदस्य अमीचंद कमल, कुंदन शास्त्री, सुरेंद्र हिंदुस्तानी, सुनील ठाकुर, मुंशीराम वर्मा, अतरसिंह नेगी, विजय भारद्वाज, जगदीश वर्मा, सतीश ठाकुर, रतन ठाकुर, शंकरदास कश्यप व रविंद्र वर्मा सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजगढ़ (सिरमौर)।
जिला सिरमौर के गिरिपार को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने के मामले को लेकर हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल लोकसभा सांसद वीरेंद्र कश्यप के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से शिमला में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत करवाते हुए कहा कि सिरमौर रियासत का हिस्सा रहा जौंसार बाबर क्षेत्र वर्ष 1968 में जनजातीय घोषित हो चुका है, लेकिन सिरमौर का गिरिपार क्षेत्र पांच दशक बाद भी इस सुविधा से वंचित है।
प्रदेश की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनजातीय अनुसंधान संस्थान केंद्र से सर्वे करवाने के बाद समूचे गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय घोषित करने की सिफारिश दो वर्ष पहले कर दी थी। तब से यह मामला वहां लंबित पड़ा है।
विज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह भी अपनी सिफारिश इस मामले में करके प्रधानमंत्री को भेजें। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूरे मामले को ध्यान से सुना और उन्होंने भरोसा दिलाया कि गिरिपार क्षेत्र की दशकों पुरानी यह मांग जायज है और भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल है। इसलिए वह इसे पूरा करने की सिफारिश का पत्र प्रधानमंत्री को भेजेंगे। प्रतिनिधिमंडल में सांसद वीरेंद्र कश्यप के साथ विधायक पच्छाद सुरेश कश्यप, भाजपा नेता चंद्रमोहन ठाकुर, केंद्रीय हाटी समिति के सदस्य अमीचंद कमल, कुंदन शास्त्री, सुरेंद्र हिंदुस्तानी, सुनील ठाकुर, मुंशीराम वर्मा, अतरसिंह नेगी, विजय भारद्वाज, जगदीश वर्मा, सतीश ठाकुर, रतन ठाकुर, शंकरदास कश्यप व रविंद्र वर्मा सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन