{"_id":"59e9fb114f1c1b86698b6945","slug":"101508506385-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर-घर जगमगाए आस्था के दीपक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर-घर जगमगाए आस्था के दीपक
Updated Fri, 20 Oct 2017 07:28 PM IST
विज्ञापन
दिवाली 2017
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाहन (सिरमौर)। जिला सिरमौर में प्रकाश पर्व दीपावली पारंपरिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय नाहन समेत, शिलाई, पच्छाद, राजगढ़, सराहां, पांवटा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने दिवाली के अवसर पर पूजा कर दीपों, मोमबत्तियों एवं बिजली की रोशनी से अपने घरों, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को रोशन किया। सुबह से ही लोगों ने मित्रों और रिश्तेदारों को दिवाली की बधाई देना शुरू कर दिया था।
दिवाली के कारण जिला के सभी बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी चहल पहल दिखाई दी। लोगों ने खाने के सामान, पटाखे, पूजन सामग्री आदि की जमकर खरीदारी की। शाम होते ही जिला के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर आस्था के दीप जले और मां लक्ष्मी की आराधना की गई।
हर घर के सामने रंगोली बनाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया गया। हर घर रोशनी से सराबोर हो गया। मां लक्ष्मी की आराधना हुई। दीयों की रोशनी से सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र झिलमिला उठे।
विज्ञापन
मां लक्ष्मी की पूजा के बाद लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। झिलमिलाती लाइटों के बीच हर घर की छत पर फूट रहे पटाखों, हो रही आतिशबाजी ने जमीं व आसमान का कोना-कोना रोशनी से भर दिया। इस आतिशबाजी का लोग देर रात तक आनंद लेते रहे।
विज्ञापन
दिवाली के कारण जिला के सभी बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी चहल पहल दिखाई दी। लोगों ने खाने के सामान, पटाखे, पूजन सामग्री आदि की जमकर खरीदारी की। शाम होते ही जिला के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर आस्था के दीप जले और मां लक्ष्मी की आराधना की गई।
विज्ञापन
हर घर के सामने रंगोली बनाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया गया। हर घर रोशनी से सराबोर हो गया। मां लक्ष्मी की आराधना हुई। दीयों की रोशनी से सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र झिलमिला उठे।
विज्ञापन
मां लक्ष्मी की पूजा के बाद लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। झिलमिलाती लाइटों के बीच हर घर की छत पर फूट रहे पटाखों, हो रही आतिशबाजी ने जमीं व आसमान का कोना-कोना रोशनी से भर दिया। इस आतिशबाजी का लोग देर रात तक आनंद लेते रहे।