{"_id":"59e4af764f1c1b71548b798d","slug":"101508159350-sirmour-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतिशबाजी के नुकसान पर लोगों को किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतिशबाजी के नुकसान पर लोगों को किया जागरूक
Updated Mon, 16 Oct 2017 06:55 PM IST
विज्ञापन
Diwali in Uttarakhand
- फोटो : AmarUjala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नाहन (सिरमौर)। दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी के कारण बढ़ रहे वायु व ध्वनि प्रदूषण को लेकर सुंदर बाग स्थित किड्जी स्कूल ने सोमवार को जागरूकता अभियान छेड़ा। इस अभियान के तहत किड्जी स्कूल के नन्हें बच्चों ने क्षेत्र में एक रैली निकाली जिसके माध्यम से स्कूली बच्चों ने लोगों को हरित दिवाली मनाने का संदेश दिया।
किड्जी स्कूल के सभी बच्चे पोस्टरनुमा संदेश भी हाथों में लिए हुए थे। संदेशों के माध्यम से बच्चों ने आम जनता को पटाखों से होने वाले नुकसान पर जागरूक किया। साथ ही उन्होंने इस बार बिना पटाखों के दिवाली मनाने की अपील भी की। कुछ बच्चों ने जहां पटाखों से होने वाले नुकसान के पोस्टर उठाए हुए थे, वहीं कुछ बच्चों ने दिवाली पर्व को दीपों से मनाने की अपील की थी।
कुछ बच्चों ने पटाखों से होने वाले दुष्प्रभावों को भी पोस्टर में दर्शाया हुआ था। स्कूल की प्रधानाचार्या ने बताया कि आतिशबाजी से हर साल बढ़ रहे वायु व ध्वनि प्रदूषण को लेकर यह अभियान चलाया गया था। मोनिका ने बताया कि स्कूली बच्चों के अभिभावकों से भी इस बार आतिशबाजी रहित दिवाली मनाने की अपील की गई है।
विज्ञापन
किड्जी स्कूल के सभी बच्चे पोस्टरनुमा संदेश भी हाथों में लिए हुए थे। संदेशों के माध्यम से बच्चों ने आम जनता को पटाखों से होने वाले नुकसान पर जागरूक किया। साथ ही उन्होंने इस बार बिना पटाखों के दिवाली मनाने की अपील भी की। कुछ बच्चों ने जहां पटाखों से होने वाले नुकसान के पोस्टर उठाए हुए थे, वहीं कुछ बच्चों ने दिवाली पर्व को दीपों से मनाने की अपील की थी।
विज्ञापन
कुछ बच्चों ने पटाखों से होने वाले दुष्प्रभावों को भी पोस्टर में दर्शाया हुआ था। स्कूल की प्रधानाचार्या ने बताया कि आतिशबाजी से हर साल बढ़ रहे वायु व ध्वनि प्रदूषण को लेकर यह अभियान चलाया गया था। मोनिका ने बताया कि स्कूली बच्चों के अभिभावकों से भी इस बार आतिशबाजी रहित दिवाली मनाने की अपील की गई है।
विज्ञापन