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पहले ही दिन विवादों में आई पुलिस भर्ती प्रक्रिया

Thu, 24 Aug 2017 11:19 PM IST
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:19 PM IST
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पहले ही दिन विवादों में आई पुलिस भर्ती प्रक्रिया
नाहन (सिरमौर)। चंबा मैदान में आयोजित पुलिस भर्ती प्रक्रिया पहले ही दिन विवादों में घिर गई है। शारीरिक प्रवीणता परीक्षा के लिए मैदान में पहुंचे अनुसूचित जाति (बीपीएल) से संबंधित दर्जनों अभ्यर्थियों के आवेदन एन वक्त पर रद्द कर दिए। जबकि, विभाग ने कॉल लेटर जारी कर इन अभ्यर्थियों को ग्राउंड टेस्ट के लिए बुलावा पत्र भी भेजे थे। शारीरिक प्रवीणता परीक्षा से बाहर किए अभ्यर्थियों ने एक लिखित शिकायत डीसी सिरमौर को भी सौंपी है।
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नाहन रोजगार कार्यालय से संबंधित अभ्यर्थी शारीरिक प्रवीणता परीक्षा के लिए वीरवार सुबह मैदान में जुटे। लेकिन, अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र की जांच के समय अनुसूचित जाति की सब कैटेगरी बीपीएल से संबंध रखने वाले अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अभ्यर्थियों के साथ आए उनके अभिभावकों ने मौके पर मौजूद डीआईजी से इस बारे में बात करने की कोशिश की। लेकिन, उन्होंने भी अभिभावकों की एक न सुनी। यहां तक कि डीआईजी ने अभिभावकों को वहां से चले जाने को कह दिया।
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भर्ती से बाहर की गई अनुसूचित जाति (बीपीएल) डगजार की गीता देवी, दधोग की बबली देवी, कोटला मोलर की किरण, रानीताल की मनीषा, बगील की ज्योति, बाडीवाला की रक्षा सहित अन्यों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने आवेदन किया था तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें कुछ नहीं कहा। उल्टा पुलिस कर्मियों ने खुद उनसे अनुसूचित जाति के साथ-साथ बीपीएल का प्रमाण पत्र साथ लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि फार्म लेते समय भी कई फार्म रिजेक्ट किए गए थे। लेकिन, उनके फार्म जांचने के बाद स्वीकार कर लिए गए थे। यहां तक कि उन्हें एडमिट कार्ड और बाद में कॉल लेटर भी जारी किया गया। यदि इस श्रेणी के लिए पद नहीं थे तो उन्हें एडमिट कार्ड व कॉल लेटर जारी करने का क्या औचित्य था। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि उनके साथ नाइंसाफी की गई है। वह मीलों दूर से यहां पहुंचे थे। इस परीक्षा के कई महीनों से तैयारी में जुटे थे। यदि फार्म लेते समय उन्हें स्पष्ट कर दिया जाता तो वे अनारक्षित श्रेणी में भी आवेदन कर सकते थे। अभ्यर्थियों ने एक लिखित शिकायत डीसी को सौंपी है।
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उधर, इस बारे एसपी सिरमौर रोहित मालपानी से दो बार संपर्क साधा गया। लेकिन, उन्होंने इस मसले पर बाद में बात करने की बात कही।
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