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Shimla DDU: सीटी स्कैन की रिपोर्ट गलत देने पर जांच के आदेश जारी, लैब संचालकों को कारण बताओ नोटिस

Tue, 24 Sep 2024 07:59 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 24 Sep 2024 07:59 PM IST
सार

डीडीयू शिमला में सीटी स्कैन की रिपोर्ट गलत देने का मामला गरमा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने लैब संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पढ़ें पूरा मामला...

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Shimla DDU Investigation orders issued for giving wrong CT scan report show cause notice to lab operators
दीनदयाल उपाध्याय दीनदयाल उपाध्याय शिमला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल में सीटी स्कैन की रिपोर्ट गलत देने का मामला गरमा गया है। शिकायत के बाद विधायक ने इस मामले में जांच के आदेश जारी किए हैं। मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और शहरी विधायक हरीश जनारथा के पास भी पहुंच गई थी। इसके बाद ही मामले की जांच के आदेश जारी हुए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने लैब संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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डीडीयू अस्पताल में 67 साल की महिला गले में दर्द की शिकायत के बाद उपचार करवाने अस्पताल आई थी। जांच के बाद चिकित्सकों ने महिला मरीज को सीटी स्कैन करवाने की सलाह दी। महिला का जब सीटी स्कैन हुआ तो इसकी रिपोर्ट गलत दे दी। रिपोर्ट में महिला को वोकलकॉड में दिक्कत बताई थी लेकिन जब दूसरी जगह टेस्ट करवाया तो वह नॉर्मल निकली। बुजुर्ग महिला के बेटे ने इसकी शिकायत शहरी विधायक हरीश जनारथा को की है। रोगी कल्याण समिति के सदस्य और महिला के बेटे नितिन सोहल ने बताया कि वह मंगलवार को बैठक के लिए सचिवालय में गए थे। इस दौरान विधायक के समक्ष यह मामला उठाया है वहीं कड़ी कार्रवाई अमल में लाने को कहा है।
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बुजुर्ग महिला के बेटे ने उन्हें शिकायत की है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं- हरीश जनारथा, विधायक,शिमला शहरी
 

9 साल के बच्चे की शुगर बता दी 375
रोगी कल्याण समिति के सदस्य नितिन सोहल ने बताया कि उनका मामला सामने आने के बाद एक और अभिभावक ने उनसे संपर्क किया है। अभिभावक ने बताया कि उन्होंने डीडीयू अस्पताल में निजी क्रस्ना लैब में अपने नौ साल के बच्चे का शुगर टेस्ट करवाया था। इसमें शुगर 375 बताई है। डॉक्टरों ने रिपोर्ट के आधार पर दवाई शुरू की। लेकिन जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो बाहर की लैब में सैंपल जांच के लिए भेजे। सैंपल की रिपोर्ट नॉर्मल आई है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर अगर अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी मरीज के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
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