फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Revision of Voter Lists Begins in Himachal's Panchayats; Responsibility Assigned to Panchayat Secretaries

Himachal: हिमाचल की पंचायतों में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण शुरू, पंचायत सचिवों को सौंपा जिम्मा

Fri, 27 Mar 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 27 Mar 2026 06:00 AM IST
सार

प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायतों में मतदाता सूचियों की जांच-पड़ताल का कार्य शुरू कर दिया गया है। 

विज्ञापन
Revision of Voter Lists Begins in Himachal's Panchayats; Responsibility Assigned to Panchayat Secretaries
पंचायत चुनाव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायतों में मतदाता सूचियों की जांच-पड़ताल का कार्य शुरू कर दिया गया है। ऐसा इसलिए जिससे सटीक और पारदर्शी ढंग से सूचियों का पुनरीक्षण किया जा सके। 28 मार्च तक मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दौरान ऐसे नए मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिन्होंने निर्धारित तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, जबकि मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। पंचायत सचिवों को यह निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए।

विज्ञापन

साथ ही उपायुक्त अपने-अपने जिलों के लिए आरक्षण रोस्टर तैयार कर जारी करेंगे। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटों का निर्धारण किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जानी है। प्रदेश में इस बार कुल 3773 पंचायतों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके लिए पंचायतीराज विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों ही स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची और आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया पूरी होते ही चुनाव की अधिसूचना जारी करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

नई और प्रभावित पंचायतों की अलग से बनेगी मतदाता सूची
गौरतलब है कि पंचायत चुनाव ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र की मजबूत कड़ी माने जाते हैं। ऐसे में निष्पक्ष और व्यवस्थित चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंचायत भवन में जो लोग 18 साल की आयु पूरा कर चुके हैं, वह वोट बना सकेंगे। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई है तो उनका नाम पर सूची से हटाया जाना है। हिमाचल में नई और प्रभावित पंचायतों की मतदाता सूची अब नए सिरे से बनेगी। आयोग ने 31 मार्च से पहले रिकाॅर्ड सौंपने को कहा है, जिससे आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जा सके। हिमाचल में 196 नई पंचायतें बनी हैं। प्रभवित और नई पंचायतों की मतदाता सूचियां अलग होंगी।

विज्ञापन

मंडी की पंचायत नौण के पुनर्गठन व नई अधिसूचना पर हाईकोर्ट की रोक
वहीं प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायती राज विभाग की ओर से पंचायतों के पुनर्गठन और नई पंचायतों के निर्माण की प्रक्रिया पर कड़ा रुख अपनाया है। महिला मंडल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मंडी जिले के गोहर ब्लॉक की ग्राम सभा नौण के संबंध में जारी 9 मार्च 2026 की अधिसूचना पर तत्काल प्रभाव से अंतरिम रोक लगा दी है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को इस मामले पर अपना जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर उनके गांव फंगयार को नौण से हटाकर नई प्रस्तावित पंचायत कोट में शामिल करने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि 28 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना को न तो सार्वजनिक रूप से विज्ञापित किया गया और न ही ग्रामीणों को सूचित किया गया। इससे वे अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के अधिकार से वंचित रह गए।रिकॉर्ड के अनुसार जिस प्रस्ताव पर आपत्तियां मांगी गई थीं, वह स्थानीय अधिकारियों को 5 मार्च को मिला और महज चार दिन बाद 9 मार्च को अंतिम अधिसूचना जारी कर दी गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। अदालत को बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिक्कन मामले में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पंचायत चुनाव से जुड़ी परिसीमन और आरक्षण की सभी प्रक्रियाएं 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएं, जिससे मई तक चुनाव संपन्न हो सकें। वहीं राज्य चुनाव आयोग ने भी सरकार को आगाह किया था कि बार-बार नई ग्राम सभाएं बनाने से परिसीमन की प्रक्रिया प्रभावित होगी और यह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हो सकता है।सुनवाई के दौरान राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल 31 विशिष्ट ग्राम पंचायतों के निर्माण/पुनर्गठन की अनुमति दी थी। नौण पंचायत उस सूची में शामिल नहीं थी।

धर्मपुर की सरी को विभाजित कर नई पंचायत बनाने के आदेश को चुनौती
 प्रदेश हाईकोर्ट में मंडी जिले के धर्मपुर विकास खंड की पंचायत सरी को विभाजित कर नई पंचायत फिहड को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है। इसे लेकर शशिकांत और अन्य लोगों ने याचिका दायर की है। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि कपाही और सनोर के लोग नई पंचायत बनने से प्रभावित हुए हैं। याचिका में बताया गया है कि 28 फरवरी की अधिसूचना में डीसी मंडी ने आपत्तियां मांगी थीं। कपाही और सनोर गांव के लोगों ने 3 मार्च को आपत्तियां दर्ज करवाईं थीं। इसके बावजूद 9 मार्च की अधिसूचना में गांव कपाही और सनोर को नवनिर्मित पंचायत फिहड में सम्मिलित कर लिया गया, जिसका वह पुरजोर विरोध कर रहे हैं। इन दोनों गांव के लोगों का मानना है कि नवगठित पंचायत फिहड से उनके गांव की दूरी अब ढाई किलोमीटर से साढ़े तीन किलोमीटर हो गई है, जबकि पुरानी पंचायत एक से दो किलोमीटर की दूरी पर है। याचिका में बताया गया है कि बरसात के समय नवगठित पंचायत का रास्ता उनके गांव से एकदम कट जाता है। ऐसे मे यह पंचायत उनके लिए उपयुक्त नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed