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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   remove encroachments from forest land within six months Himachal High court

वन भूमि से 6 माह में हटेंगे कब्जे, हाईकोर्ट ने दी मोहलत

Fri, 04 Mar 2016 10:33 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो, अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 04 Mar 2016 10:33 PM IST
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remove encroachments from forest land within six months Himachal High court
कोर्ट - फोटो : डेमो पिक

उच्च न्यायालय ने वन भूमि पर किए कब्जे की 10 बीघा से अधिक भूमि छुड़ाने की तमाम प्रक्रिया के लिए सरकार को छह महीने और 10 बीघा से कम भूमि के लिए एक साल का समय दिया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में वन भूमि पर लगाए गए सेब बगीचों के मामले में वन मुख्य अरण्यपाल ने अपना हलफनामा दायर किया। इसके अनुसार उन्होंने वन विभाग के संबंधित अधिकारियों को उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना के आदेश दे दिए हैं। मुख्य अरण्यपाल ने शपथपत्र के माध्यम से बताया कि रोहड़ू और चौपाल के वन मंडल अधिकारियों के तबादला आदेश रद्द किए हैं। जस्टिस राजीव शर्मा की कोर्ट ने सरकार के इस निर्णय की सराहना की।

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मुख्य अरण्यपाल ने न्यायालय को बताया कि 31 जनवरी, 2016 तक 10 बीघा से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने के 2522 मामलों में से 2510 में एफआईआर दर्ज की है। 2522 मामलों में से 924 में डीएफओ के समक्ष मामले दायर किए गए हैं। 268 मामलों का निपटारा किया है। 84 मामलों में वन भूमि वापस ली है। भूमि वापस लेने को न्यायालय के आदेशों का पालन होगा। इसके अलावा 10 बीघे से कम भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में 10080 मामले पाए गए हैं। 7542 मामले निपटाने के बाद डीएफओ ने दोषियों के खिलाफ  कार्रवाई की है। 4713 लोगों से अवैध कब्जे छुड़ाए हैं। बाकी बचे मामलों को तीन माह में निपटा लिया जाएगा।
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27 फरवरी, 2016 को हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे कि तीन माह में वन भूमि से सेब बागीचे हटाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सबसे पहले बड़े कब्जाधारियों पर कार्रवाई करे, जो अपने राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव से अवैध बगीचों पर कायम हैं। हाईकोर्ट ने सेब बगीचे विकसित करने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार की प्रस्तावित नियमितीकरण की पॉलिसी पर भी रोक लगा दी है। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने सरकार को आदेश दिए थे कि 10 बीघा से अधिक वन भूमि पर किए अतिक्रमण को 3 माह में हटावाया जाए। हाईकोर्ट ने उपमंडल वन अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में हर दिन कार्रवाई करें और तुरंत फैसले करें।
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हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जागी सरकार- वन भूमि अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने मामले में सजग रूप से कार्यवाही शुरू कर दी है। अप्रैल 2015 में जस्टिस राजीव शर्मा व त्रिलोक चौहान की खंडपीठ ने सरकार को अतिक्रमण हटाने के कड़े निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने 27 फरवरी, 2016 को सरकार को रसूखवालों के कब्जे पहले हटाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी शुक्रवार को विधानसभा में बड़े कब्जाधारियों पर पहले कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।

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