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Rampur Bushahar News: शुदारंग में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार के बारे में बताया

Tue, 20 Oct 2026 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 11:51 PM IST
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Women of SHGs in Shudarang explained about self-employment
किन्नौर​ जिले की शुदारंग पंचायत में स्वयं सहायता समूहों के लिए आयोजित जागरूकता ​शिविर में मौजूद
स्वरोजगार, उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन के गुर सिखाए, ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। कल्पा विकास खंड की शुदारंग पंचायत में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंचायत घर शुदारंग में आयोजित यह कार्यक्रम भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की रैंप योजना के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को उद्यम शुरू करने से लेकर उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में अवगत करवाया गया। इस दौरान बिस्कॉफ फाउंडेशन के कार्यकारी अधिकारी ब्रजेश रेटका, परविंद्र सिंह, मोहित नेगी, रोहित कुमार सुनवान, निटकोन के प्रतिनिधि पुनीत कुमार और रैंप योजना के जिला संसाधन व्यक्ति राज सुदर्शन सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को नए उद्यमों की पहचान करने, व्यवसाय योजना तैयार करने, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार लाने, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग और विपणन की बारीकियों की जानकारी दी गई। इसके अलावा बाजार की मांग को समझने और अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के तरीकों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को वित्तीय प्रबंधन, बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, विभिन्न सरकारी योजनाओं, लागत निर्धारण और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के विकल्पों के बारे में भी जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने महिलाओं को उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और कौशल का उपयोग कर छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है। इससे महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करवाने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकेंगी।
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