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पूर्वणी झूला में 38 घंटे बाद एनएच पांच बहाल
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पूर्वणी में एनएच पांच बहाल होने के बाद गुजरते वाहन।
- फोटो : RAMPUR-HP
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर के पूर्वणी झूला के पास शुक्रवार रात से बाधित नेशनल हाईवे पांच यातायात के लिए बहाल हो गया है। सीमा सड़क संगठन ने करीब 38 घंटे बाद एनएच को बहाल किया। मार्ग बहाल होने से पूह और काजा के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। अब मार्ग पर वाहनों की आवाजाही हो रही है।
गौर हो कि जिले में बीते दिनों भारी बर्फबारी और बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। पूर्वणी झूले के पास पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें दरकने के कारण शुक्रवार देर रात से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच बाधित हो गया। मार्ग बाधित होने के कारण पूह खंड की 24 पंचायतों और काजा स्पीति क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। हजारों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन के मजदूर और मशीनें मौके पर पहुंचे। करीब 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सीमा सड़क संगठन ने बाधित एनएच को रविवार दोपहर 12 बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया। 38 घंटे बाद मार्ग बहाल होते ही एनएच पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
सीमा सड़क संगठन के ओसी किन्नौर डीके राघव ने बताया कि शुक्रवार रात को चट्टानों के दरकने से एनएच बाधित हो गया था। सीमा सड़क संगठन की मशीनों और मजदूरों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने कहा कि मार्ग खुलते ही रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर निगम की बसों को भेजा गया।
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गौर हो कि जिले में बीते दिनों भारी बर्फबारी और बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। पूर्वणी झूले के पास पहाड़ी से भारी भरकम चट्टानें दरकने के कारण शुक्रवार देर रात से राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच बाधित हो गया। मार्ग बाधित होने के कारण पूह खंड की 24 पंचायतों और काजा स्पीति क्षेत्र के हजारों लोगों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई। हजारों लोगों को आवाजाही करने में भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं। सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन के मजदूर और मशीनें मौके पर पहुंचे। करीब 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सीमा सड़क संगठन ने बाधित एनएच को रविवार दोपहर 12 बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया। 38 घंटे बाद मार्ग बहाल होते ही एनएच पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
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सीमा सड़क संगठन के ओसी किन्नौर डीके राघव ने बताया कि शुक्रवार रात को चट्टानों के दरकने से एनएच बाधित हो गया था। सीमा सड़क संगठन की मशीनों और मजदूरों ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने कहा कि मार्ग खुलते ही रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर निगम की बसों को भेजा गया।