{"_id":"6aaa98fd0256f764ce04377c","slug":"bears-straying-into-residential-areas-panic-in-humher-and-tharola-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1033-169928-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे भालू, बाग हुम्हेर और थरोला में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच रहे भालू, बाग हुम्हेर और थरोला में दहशत
विज्ञापन
बाग हुम्हेर व थरोला पंचायत में भालू का आतंक, ग्रामीणों में दहशत
रिहायशी इलाकों में भालू की धमक से ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई ( रोहड़ू)। बाग हुम्हेर और थरोला पंचायत के गांवों में कुछ दिनों से भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत है। भालू जंगलों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों के आसपास पहुंच रहे हैं और गोशालाओं के दरवाजे तोड़कर पालतू पशुओं पर हमला कर रहे हैं। पिछले दो दिनों में लोहट और बजोहा गांवों में भालू ने गोशालाओं को निशाना बनाया। लोहट में भालू ने तीन गोशालाओं के दरवाजे तोड़ने का प्रयास किया, जबकि एक गोशाला का दरवाजा तोड़कर गाय को मार डाला। इसके अगले दिन थरोला पंचायत के बजोहा गांव में भी भालू ने गोशाला का दरवाजा तोड़कर बछड़े को अपना शिकार बना लिया। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले बगहार और कोटी गांव में भी भालू गोशालाओं में घुसकर पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचा चुके हैं। कुछ दिन पूर्व कुपड़ी नाला और बागा गांव में दिनदहाड़े तीन भालू देखे गए थे। लगातार रिहायशी क्षेत्रों के आसपास भालुओं की मौजूदगी से लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों विक्की, देविंद्र कुमार, प्रताप, सुरेश, नीरज ठाकुर, निरंजन ठाकुर और रितेश कुमार ने वन विभाग से भालुओं को पकड़ने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। कोटखाई वन विभाग के आरओ सुनील दत्त ने बताया कि भालू को पकड़ने के लिए कुपड़ी नाला में पिंजरा लगाया गया है। अभी तक भालू पिंजरे में नहीं आया है। विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी रखते हुए भालू को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे है ।
विज्ञापन
रिहायशी इलाकों में भालू की धमक से ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना हुआ मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई ( रोहड़ू)। बाग हुम्हेर और थरोला पंचायत के गांवों में कुछ दिनों से भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत है। भालू जंगलों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों के आसपास पहुंच रहे हैं और गोशालाओं के दरवाजे तोड़कर पालतू पशुओं पर हमला कर रहे हैं। पिछले दो दिनों में लोहट और बजोहा गांवों में भालू ने गोशालाओं को निशाना बनाया। लोहट में भालू ने तीन गोशालाओं के दरवाजे तोड़ने का प्रयास किया, जबकि एक गोशाला का दरवाजा तोड़कर गाय को मार डाला। इसके अगले दिन थरोला पंचायत के बजोहा गांव में भी भालू ने गोशाला का दरवाजा तोड़कर बछड़े को अपना शिकार बना लिया। ग्रामीणों के अनुसार, इससे पहले बगहार और कोटी गांव में भी भालू गोशालाओं में घुसकर पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचा चुके हैं। कुछ दिन पूर्व कुपड़ी नाला और बागा गांव में दिनदहाड़े तीन भालू देखे गए थे। लगातार रिहायशी क्षेत्रों के आसपास भालुओं की मौजूदगी से लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों विक्की, देविंद्र कुमार, प्रताप, सुरेश, नीरज ठाकुर, निरंजन ठाकुर और रितेश कुमार ने वन विभाग से भालुओं को पकड़ने तथा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। कोटखाई वन विभाग के आरओ सुनील दत्त ने बताया कि भालू को पकड़ने के लिए कुपड़ी नाला में पिंजरा लगाया गया है। अभी तक भालू पिंजरे में नहीं आया है। विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी रखते हुए भालू को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे है ।