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Rampur Bushahar News: पेयजल स्रोत के पास सफाई करने पहुंचीं महिलाएं, टैंक में मिले मृत चूहे और मेंढक

Thu, 02 Jul 2026 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:42 PM IST
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Water crisis in Kuthru village, Rampur Bushahr
क्याव पंचायत के कुथरू गांव के लिए बने पेयजल टैंक से निकला मरा हुआ मेंढक। स्रोत : जागरूक पाठक
टैंक से कुथरू गांव को होती है जलापूर्ति, ग्रामीणों को जल जनित रोग के फैलने की आशंका
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जल शक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कहा-करेंगे कार्यालय का घेराव
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। उपमंडल रामपुर के दुर्गम क्षेत्र 15/20 की क्याव पंचायत के ग्रामीण कभी भी जल जनित रोग की चपेट में आ सकते हैं। क्याव पंचायत के कुथरू गांव के लोगों को विभाग के पेयजल टैंक में मृत चूहे और मेंढक मिले हैं। ग्रामीणों ने विभाग की इस लापरवाही पर कड़ा रोष जताया है और समस्या का समाधान न होने पर जल शक्ति विभाग के कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब गांव की महिलाएं पानी न आने के कारण पेयजल स्रोत के पास सफाई करने पहुंचीं। पेयजल स्रोत के पास जब महिलाएं पहुंचीं, तो उनके होश उड़ गए। पेयजल टैंक में मृत चूहे और मेंढक दिखाई दिए और इसी टैंक से गांव को पेयजल आपूर्ति हो रही है। ग्रामीण जो पानी पी रहे हैं, उसमें चूहे और मेंढक मरे हुए हैं। महिलाओं ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस तरह की घटना यहां पर पेश आ चुकी है। उस वक्त जल शक्ति विभाग ने भरोसा दिलाया था कि आगे से विशेष ध्यान रखा जाएगा, लेकिन विभाग इस तरह के कार्य के प्रति गंभीर नहीं है। ऐसे में इतना गंदा पानी पीने से क्षेत्र में कभी भी गंभीर बीमारी फैल सकती है। विभाग की इस लापरवाही के बाद ग्रामीणों में जल जनित रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। कुथरू गांव की महिला सीतामणि, पुष्पा देवी, कृष्णा, प्रभा देवी, वर्षा, फूला सिंह, केहर सिंह सहित अन्य ने कहा कि गांव में लंबे समय से पेयजल समस्या चली आ रही है। उन्होंने कहा कि जहां से इस गांव को पानी की सप्लाई आती है, वहां फिल्टर बैड तक नहीं बना है। इस कारण पेयजल स्रोत में कई तरह के जीव मरे हुए पहुंच रहे हैं। उन्होंने खुद पेयजल स्रोत से मरे हुए चूहे और मेंढक को निकाला है। उन्होंने चेताया कि यदि स्थिति यही रही तो ग्रामीणों को मजबूरन रामपुर आकर विभाग के कार्यालय का घेराव करना पड़ेगा। उन्होंने जल शक्ति विभाग ने उचित सुधार कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने की मांग की है। वहीं, पूर्व प्रधान क्याव दलीप डिंगटू ने कहा कि पेयजल स्रोत में मरे हुए चूहे और मेंढक मिलने से ग्रामीणों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। विभाग को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।


ग्रामीणों को दूसरी पेयजल लाइन से आपूर्ति की जा रही है। जल्द ही टैंक की सफाई कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाया जाएगा। - मोहन डोगरा, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग सराहन
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