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Rampur Bushahar News: राणाबाग-बालू सड़क पर टारिंग कार्य को लेकर भड़के ग्रामीण, गुणवत्ता पर उठाए सवाल

Wed, 20 May 2026 11:44 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 11:44 PM IST
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Villagers angry over tarring work on Ranabag-Balu road
आनी के राणाबाग-बालू सडक़ की टारिंग की गुणवत्ता को लेकर रोष जताते ग्रामीण। संवाद
11 किलोमीटर सड़क पर पहली बार हो रही टारिंग, जांच की उठी मांग
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सरकार और विभाग से पारदर्शिता और गुणवत्तायुक्त कार्य करने की रखी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
दशकों के इंतजार के बाद गांव की सड़क पक्की होने लगी और अब सड़क पर हो रही टारिंग को लेकर ग्रामीण खफा हो गए हैं। आनी उपमंडल की राणाबाग-बालू सड़क पर हो रहे टारिंग कार्य को लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया है। ग्रामीण निर्माण कार्य की गुणवत्ता से नाराज हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई स्थानों पर सड़क से मिट्टी और धूल को पूरी तरह साफ किए बिना ही टारिंग की जा रही है, जिससे सड़क अधिक समय तक नहीं टिक पाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भारी बारिश होती है और यदि सड़क का निर्माण कार्य मानकों के अनुसार नहीं किया गया, तो बरसात के दौरान टारिंग जल्द उखड़ सकती है। लोगों ने विभाग से कार्य में पारदर्शिता बरतने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। ग्रामीण डिंपल माही, ललित, नरेश, दीपू, ख्याला राम, फौजी लाल, टिंकू, डोला राम, बेली राम, अनु, सतीश कुमार, विद्या दत्त, अनिल कुमार, अशोक कुमार, विक्की, भीम और सुखदेव सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क पर खाटूनाला से नीचे राणाबाग की ओर टारिंग का कार्य चल रहा है। अभी तक करीब ढाई किलोमीटर क्षेत्र में ही टारिंग की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंडीबाग से आगे व्यासामोड़ के पास उन्होंने सड़क का निरीक्षण किया और कुछ स्थानों पर टारिंग उखाड़कर उसकी वीडियो भी बनाई। ग्रामीणों के अनुसार, वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मिट्टी के ऊपर ही टारिंग की गई है। इससे लोगों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर निराशा और चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और करीब 11 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पहली बार टारिंग का कार्य हो रहा है। ऐसे में यदि शुरुआत से ही गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो भविष्य में सड़क की हालत फिर खराब हो सकती है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाई जाए और नियमों के अनुसार कार्य सुनिश्चित किया जाए।



वह स्वयं मौके का निरीक्षण कर चुके हैं और कार्य सही तरीके से किया जा रहा है। टारिंग का कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार हो रहा है। सड़क के निर्माण कार्य का पांच वर्षों तक रखरखाव संबंधित ठेकेदार की ओर से किया जाएगा। टारिंग कार्य के दौरान स्थानीय जनता भी मौके पर मौजूद रह सकती है। - आनंद शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

आनी के राणाबाग-बालू सडक़ की टारिंग की गुणवत्ता को लेकर रोष जताते ग्रामीण। संवाद

आनी के राणाबाग-बालू सडक़ की टारिंग की गुणवत्ता को लेकर रोष जताते ग्रामीण। संवाद

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