{"_id":"65cf4ed834e8adbe7f08bb54","slug":"villagers-and-laborers-roared-against-luhri-project-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1032-112251-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: लूहरी परियोजना के खिलाफ गरजे ग्रामीण और मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: लूहरी परियोजना के खिलाफ गरजे ग्रामीण और मजदूर
विज्ञापन
रोजगार, लाडा, फसलों के मुआवजे को तरसे परियोजना प्रभावित
रोजगार के नाम पर प्रभावितों पंचायतों के युवाओं को ठग रहा प्रबंधन : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रभावित रोजगार, लाडा राशि और फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे को तरस गए हैं। परियोजना प्रभावितों को केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जबकि प्रभावित पंचायतों को मिलने वाले अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। शुक्रवार को भारत बंद के आह्वान पर परियोजना प्रभावितों, किसान संयुक्त मंच के सदस्यों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।
हिमाचल किसान सभा, सीटू ने संयुक्त रूप से अखिल भारतीय किसान संयुक्त किसान मंच और संयुक्त ट्रेड यूनियन के भारत बंद के आह्वान पर लूहरी हाइड्रो परियोजना की प्रभावित पंचायतों के किसानों व मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में परियोजना में कार्यरत मजदूर ने भी मांगों को लेकर हड़ताल की। विरोध-प्रदर्शन को राकेश सिंघा, डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा के जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, महासचिव देवकी नंद, किसान सभा के जिला सचिव पूर्ण ठाकुर, सीटू जिला कमेटी के सदस्य रणजीत, कपिल, पूर्व प्रधान कृष्णा राणा, हिमाचल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दलीप कायथ और देहरा पंचायत प्रधान सरोज वाला ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित पंचायत के लोग और परियोजना के निर्माण में लगे मजदूर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। परियोजना निर्माण कार्य से उठी धूल व ब्लास्टिंग से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं और मकानों में दरारें आई हैं, लेकिन प्रभावितों को अब तक इनका मुआवजा नहीं मिला है। रोजगार के नाम पर भी नौजवनों को ठगा जा रहा है। लाडा का पैसा खर्च नहीं किया जा रहा है, जिन परिवारों की जमीन प्रोजेक्ट निर्माण में लगी है, उन परिवारों को न तो रोजगार दिया जा रहा है और न ही एकमुश्त राशि दी गई है। परियोजना में काम कर रहे मजदूरों का भी शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा और गैर कानूनी छंटनी की जा रही है।
इस मौके पर रुचिका राठौर, रीना ठाकुर, निशा बघेट, पदम, देवेंद्र, कपिल, अजय, परस राम, अनूप राम, पदम दास, दिनेश, हरदयाल कपूर, राजेश, जोगिंदर, वेद राम, पल्स राम, जय चंद सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोजगार के नाम पर प्रभावितों पंचायतों के युवाओं को ठग रहा प्रबंधन : सिंघा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना प्रभावित रोजगार, लाडा राशि और फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे को तरस गए हैं। परियोजना प्रभावितों को केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जबकि प्रभावित पंचायतों को मिलने वाले अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। शुक्रवार को भारत बंद के आह्वान पर परियोजना प्रभावितों, किसान संयुक्त मंच के सदस्यों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया।
हिमाचल किसान सभा, सीटू ने संयुक्त रूप से अखिल भारतीय किसान संयुक्त किसान मंच और संयुक्त ट्रेड यूनियन के भारत बंद के आह्वान पर लूहरी हाइड्रो परियोजना की प्रभावित पंचायतों के किसानों व मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में परियोजना में कार्यरत मजदूर ने भी मांगों को लेकर हड़ताल की। विरोध-प्रदर्शन को राकेश सिंघा, डॉ. ओंकार शाद, किसान सभा के जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, महासचिव देवकी नंद, किसान सभा के जिला सचिव पूर्ण ठाकुर, सीटू जिला कमेटी के सदस्य रणजीत, कपिल, पूर्व प्रधान कृष्णा राणा, हिमाचल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दलीप कायथ और देहरा पंचायत प्रधान सरोज वाला ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित पंचायत के लोग और परियोजना के निर्माण में लगे मजदूर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आज तक इनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। परियोजना निर्माण कार्य से उठी धूल व ब्लास्टिंग से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं और मकानों में दरारें आई हैं, लेकिन प्रभावितों को अब तक इनका मुआवजा नहीं मिला है। रोजगार के नाम पर भी नौजवनों को ठगा जा रहा है। लाडा का पैसा खर्च नहीं किया जा रहा है, जिन परिवारों की जमीन प्रोजेक्ट निर्माण में लगी है, उन परिवारों को न तो रोजगार दिया जा रहा है और न ही एकमुश्त राशि दी गई है। परियोजना में काम कर रहे मजदूरों का भी शोषण किया जा रहा है। मजदूरों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा और गैर कानूनी छंटनी की जा रही है।
विज्ञापन
इस मौके पर रुचिका राठौर, रीना ठाकुर, निशा बघेट, पदम, देवेंद्र, कपिल, अजय, परस राम, अनूप राम, पदम दास, दिनेश, हरदयाल कपूर, राजेश, जोगिंदर, वेद राम, पल्स राम, जय चंद सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन