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Rampur Bushahar News: पशु औषधालय और संस्कृत कॉलेज को डिनोटिफाई करने पर भड़के ग्रामीण
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संस्कृत कॉलेज, पशु औषधालय डंसा की बहाली के लिए ज्ञापन देते ग्रामीण।
- फोटो : RAMPUR-HP
रामपुर बुशहर। नई सरकार के फरमान के बाद रामपुर उपमंडल की नोग वैली के हजारों बाशिंदों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पूर्व भाजपा सरकार ने पशु औषधालय डंसा और संस्कृत महाविद्यालय शिंगला की अधिसूचना जारी की थी। मगर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के बाद कांग्रेस सरकार जयराम सरकार के फैसले की समीक्षा कर रही है, जिसके बाद कई संस्थानों को डिनोटिफाई कर दिया है। इसी बीच संस्कृत कॉलेज और पशु औषधालय को डिनोटिफाई करने के बाद लोग भड़क उठे हैं।
सोमवार को पंचायत जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सुरेंद्र मोहन से मिला और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग रखी है कि इन दोनों अधिसूचना को जनता के हित में फिर से जारी किया जाए।
डंसा पंचायत प्रधान देशराज हुड्डन और लालसा पंचायत उपप्रधान तुला राम शर्मा ने कहा कि नोग वैली में करीब 10 हजार से अधिक की आबादी कृषि, बागवानी और दूध उत्पादन पर निर्भर हैं। पूर्व में कांग्रेस सरकार और फिर भाजपा सरकार से क्षेत्र के पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों ने बार-बार पशु चिकित्सालय की मांग उठाई गई थी। लोगों की मांग पर ही भाजपा सरकार सरकार ने नौग वैली में पशु औषधालय खोलने का फैसला लिया था।
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वहीं, उन्होंने कहा कि दशकों की मांग के बाद संस्कृत महाविद्यालय शिंगला अधिसूचि हुआ था, मगर इसे निरस्त करना भी चिंता का विषय है। सरकार के इस फरमान के बाद लालसा, डंसा और शिंगला पंचायत के हजारों ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने नई सरकार से मांग उठाई है कि है कि एक माह के अंदर पशु औषधालय और संस्कृत महाविद्यालय पर पुन: विचार कर फिर से अधिसूचना जारी करें। अन्यथा सड़क पर उतकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
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सोमवार को पंचायत जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम सुरेंद्र मोहन से मिला और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग रखी है कि इन दोनों अधिसूचना को जनता के हित में फिर से जारी किया जाए।
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डंसा पंचायत प्रधान देशराज हुड्डन और लालसा पंचायत उपप्रधान तुला राम शर्मा ने कहा कि नोग वैली में करीब 10 हजार से अधिक की आबादी कृषि, बागवानी और दूध उत्पादन पर निर्भर हैं। पूर्व में कांग्रेस सरकार और फिर भाजपा सरकार से क्षेत्र के पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों ने बार-बार पशु चिकित्सालय की मांग उठाई गई थी। लोगों की मांग पर ही भाजपा सरकार सरकार ने नौग वैली में पशु औषधालय खोलने का फैसला लिया था।
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वहीं, उन्होंने कहा कि दशकों की मांग के बाद संस्कृत महाविद्यालय शिंगला अधिसूचि हुआ था, मगर इसे निरस्त करना भी चिंता का विषय है। सरकार के इस फरमान के बाद लालसा, डंसा और शिंगला पंचायत के हजारों ग्रामीणों में भारी रोष है। उन्होंने नई सरकार से मांग उठाई है कि है कि एक माह के अंदर पशु औषधालय और संस्कृत महाविद्यालय पर पुन: विचार कर फिर से अधिसूचना जारी करें। अन्यथा सड़क पर उतकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।