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अधिकारियों को सिखाई भवनों के पुन: संयोजन की बारीकियां
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किन्नौर जिले में भवनों के पुन: संयोजन के लिए किया दो दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन। संवाद
रिकांगपिओ में दो दिवसीय जागरुकता कार्यशाला शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला मुख्यालय किन्नौर के रिकांगपिओ में स्थित आईटीडीपी भवन में बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के सहयोग से जिले के भवनों के पुन: संयोजन के लिए दो दिवसीय जागरुकता कार्यशाला शुरू की। कार्यशाला की अध्यक्षता सहायक आयुक्त विजय कुमार ने की। उन्होंने बताया कि किन्नौर जिले के भवनों के पुन:संयोजन के बारे में संबंधित विभागों को विस्तृत जानकारी प्रदान करने के दृष्टिगत कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सीबीआरआई रुड़की से एएसके नेगी और इंजीनियर आशीष कपूर को पुन: संयोजन की तकनीकों की जानकारी देने और अभ्यास करवाने के लिए संसाधन व्यक्ति के रूप में आमंत्रित किया गया है। कार्यशाला के पहले दिन संसाधन व्यक्ति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि पुन: संयोजन के उपकरणों और मशीनों के माध्यम से पुरानी संरचनाओं एवं इमारतों को पुनर्जीवित किया जाता है। भवनों के जीवनकाल की अवधि को लंबे समय तक बढ़ाया जाता है, ताकि संरचना के निवास को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि पुन:संयोजन में कंक्रीट संरचना का पुन: संयोजन, चिनाई संरचना में पुन: संयोजन, फर्श, छत, टैंक और पाइप इत्यादि संरचनाओं में पुन: संयोजन के प्रकार शामिल हैं। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, चिकित्सा, विद्युत, पुलिस, जिला विकास कार्यालय के अधिकारियों सहित तीनों विकास खंडों के अधिकारी, राजस्व अधिकारी और नायब तहसीलदार सांगला उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला मुख्यालय किन्नौर के रिकांगपिओ में स्थित आईटीडीपी भवन में बुधवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के सहयोग से जिले के भवनों के पुन: संयोजन के लिए दो दिवसीय जागरुकता कार्यशाला शुरू की। कार्यशाला की अध्यक्षता सहायक आयुक्त विजय कुमार ने की। उन्होंने बताया कि किन्नौर जिले के भवनों के पुन:संयोजन के बारे में संबंधित विभागों को विस्तृत जानकारी प्रदान करने के दृष्टिगत कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सीबीआरआई रुड़की से एएसके नेगी और इंजीनियर आशीष कपूर को पुन: संयोजन की तकनीकों की जानकारी देने और अभ्यास करवाने के लिए संसाधन व्यक्ति के रूप में आमंत्रित किया गया है। कार्यशाला के पहले दिन संसाधन व्यक्ति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि पुन: संयोजन के उपकरणों और मशीनों के माध्यम से पुरानी संरचनाओं एवं इमारतों को पुनर्जीवित किया जाता है। भवनों के जीवनकाल की अवधि को लंबे समय तक बढ़ाया जाता है, ताकि संरचना के निवास को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि पुन:संयोजन में कंक्रीट संरचना का पुन: संयोजन, चिनाई संरचना में पुन: संयोजन, फर्श, छत, टैंक और पाइप इत्यादि संरचनाओं में पुन: संयोजन के प्रकार शामिल हैं। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति, चिकित्सा, विद्युत, पुलिस, जिला विकास कार्यालय के अधिकारियों सहित तीनों विकास खंडों के अधिकारी, राजस्व अधिकारी और नायब तहसीलदार सांगला उपस्थित रहे।