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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Three-hour chakka jam of affected people against Luhri project

Rampur Bushahar News: लूहरी परियोजना के खिलाफ प्रभावितों का तीन घंटे चक्का जाम

Fri, 02 Feb 2024 06:34 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Feb 2024 06:34 PM IST
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मांगों को लेकर किसान सभा के बैनर तले किया प्रदर्शन
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प्रशासन के आश्वासन के बाद थमा ग्रामीणों का विरोध

परियोजना में रोजगार, प्रदूषण और घरों में आईं दरारों के मुआवजे को तरसे

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों ने शुक्रवार को परियोजना प्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। किसान सभा के बैनर तले प्रभावितों ने तीन घंटे तक नेशनल हाईवे-पांच पर चक्का जाम किया।
प्रशासन की मध्यस्थता के बाद ग्रामीणों का विरोध थमा। प्रशासन की संयुक्त बैठक में कोई सहमति न बनने के कारण प्रभावित अब 16 फरवरी को फिर से परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।
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किसान सभा के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर परियोजना प्रभावित पंचायतों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ शुक्रवार को मोर्चा खोला। निरथ में प्रभावितों ने दोपहर 12 से तीन बजे तक नेशनल हाईवे-पांच पर चक्का जाम किया, जिस कारण रामपुर से शिमला और शिमला से रामपुर आने वाले हजारों लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। किसान सभा के वरिष्ठ नेता राकेश सिंघा ने कहा कि परियोजना प्रबंधन की ओर से प्रभावित पंचायतों से शुरुआती दौर में कई वादे किए गए थे, जो आज दिन तक पूरे नहीं हो पाए हैं। किसान सभा ने प्रभावित पंचायतों को परियोजना की कुल लागत का डेढ़ प्रतिशत तुरंत 12 प्रतिशत ब्याज सहित देने, प्रभावित क्षेत्रों के बेरोजगारों को रोजगार देने, परियोजना निर्माण से उठ रही धूल से हुए नुकसान की भरपाई का दायरा 900 मीटर से बढ़ाकर वास्तविकता के आधार पर करने, फसलों और दरारों का सर्वेक्षण कर मुआवजा देने, बांध बनने के बाद दोनों ओर जिला शिमला और कुल्लू के लिए उठाऊ सिंचाई योजनाओं का निर्माण करने की मांग उठाई। प्रभावित किसानों को कुल्लू जिले में भी शिमला जिले की तर्ज पर नाप नपाई और फसलों का मुआवजा देने, परियोजना में भू-अर्जित परिवारों को स्थायी रोजगार देने, रोजगार के बदले जिन भूमि मालिकों की जमीन गई है, उनको एकमुश्त किस्त शीघ्र देने, परियोजना निर्माण से उठ रही धूल से खराब हो रहे फलों का मुआवजा देने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में परियोजना प्रभावित निरथ, नित्थर, देलठ, करांगला, बड़ाच, गड़ेज, देहरा, शमाथला सहित अन्य पंचायतों के प्रभावितों ने भाग लिया। किसान सभा ने चेताया है कि यदि प्रभावितों की मांगों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया तो 16 फरवरी को फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।
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इस मौके पर किसान सभा के जिलाध्यक्ष प्रेम चौहान, महासचिव देवकी नंद, कुलदीप डोगरा, कृष्णा राणा, काकू कश्यप, सरोज बाला, लायक राम ठाकुर, रीना ठाकुर, निशा सहित अन्य मौजूद रहे।

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