{"_id":"61c0af8b545f743d7a296f5a","slug":"thodo-player-hounred-with-cash-prize-rampur-hp-news-sml3941041199","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठोडो खिलाड़ियों को मिलेगा लाखों का इनाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठोडो खिलाड़ियों को मिलेगा लाखों का इनाम
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ की बैठक में मौजूद विधायक चौपाल बलबीर सिंह वर्मा
- फोटो : RAMPUR-HP
ठियोग (रामपुर बुशहर)। हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ की बैठक सैंज लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष और चौपाल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक बलबीर सिंह वर्मा ने की। बैठक में निर्णय लिया कि ठोडा खेल में बेहतरीन खिलाड़ी को ढाई लाख, दूसरा इनाम डेढ़ लाख और तीसरा इनाम एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिया गया।
इसके अतिरिक्त वाद्य यंत्र, करनाल, शहनाई, ढोल-नगाड़ा वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। संघ के महासचिव ओम प्रकाश मेहता ने कहा कि ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक संघ सभी पार्टी खुंद-खशियों के सभी प्रधान और महासचिव ने हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल के बारे और नियम की भी जानकारी बैठक में दी है, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया। सनाईक एमआर वर्मा ने कहा है कि प्रतियोगिता अप्रैल माह में 2022 में करवाई जाएगी। उन्होंने कहा पर टूर्नामेंट करवाना है, इसका चयन होना बाकी है। इसका गठन वर्ष 2012 को हुआ था। इसका आधार खुंद खशियों के ठोडा दल है। प्रदेश में कुल 52 खुंदों ने एफिलेशन करवाई है।
ठोडा खेल शाठी-पाशी और खुंद-खशियों के बीच खेला जाता है। इसमें देवी-देवताओं और जगह ठाई को ललकारते हैं और उनका आह्वान किया जाता है। उनकी कलाएं खेल के मैदान में और रण चंडी देवी दुर्गे मैदान में साक्षात दर्शन करती है और शाठी-पाशी और खुंद-खशियों को अपना आशीर्वाद देती हैं। खशिए एक दूसरों को ललकारते हैं, जिससे झटना कहते हैं। परंपरागत वाद्ययंत्र जैसे ठोल, नगाडे़, शहनाई, करनाल, रणसिंघा और डांगरू की थाप मेले की शोभा बढ़ाते।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त वाद्य यंत्र, करनाल, शहनाई, ढोल-नगाड़ा वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। संघ के महासचिव ओम प्रकाश मेहता ने कहा कि ठोडा खेल एवं सांस्कृतिक संघ सभी पार्टी खुंद-खशियों के सभी प्रधान और महासचिव ने हिमाचल प्रदेश ठोडा खेल के बारे और नियम की भी जानकारी बैठक में दी है, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया। सनाईक एमआर वर्मा ने कहा है कि प्रतियोगिता अप्रैल माह में 2022 में करवाई जाएगी। उन्होंने कहा पर टूर्नामेंट करवाना है, इसका चयन होना बाकी है। इसका गठन वर्ष 2012 को हुआ था। इसका आधार खुंद खशियों के ठोडा दल है। प्रदेश में कुल 52 खुंदों ने एफिलेशन करवाई है।
विज्ञापन
ठोडा खेल शाठी-पाशी और खुंद-खशियों के बीच खेला जाता है। इसमें देवी-देवताओं और जगह ठाई को ललकारते हैं और उनका आह्वान किया जाता है। उनकी कलाएं खेल के मैदान में और रण चंडी देवी दुर्गे मैदान में साक्षात दर्शन करती है और शाठी-पाशी और खुंद-खशियों को अपना आशीर्वाद देती हैं। खशिए एक दूसरों को ललकारते हैं, जिससे झटना कहते हैं। परंपरागत वाद्ययंत्र जैसे ठोल, नगाडे़, शहनाई, करनाल, रणसिंघा और डांगरू की थाप मेले की शोभा बढ़ाते।
विज्ञापन