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Rampur Bushahar News: लगौटी स्कूल में नहीं जरूरी विषयों के शिक्षक, संकट में 182 छात्रों का भविष्य
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चार साल से अंग्रेजी-इतिहास के पद रिक्त
हिंदी प्रवक्ता का भी तबादला, तबादला आदेश रद्द करने की तत्काल उठाई मांग
हरि कृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। दुर्गम क्षेत्र लगौटी के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। पिछले कई वर्षों से इस स्कूल में छह से अधिक जरूरी विषयों के शिक्षकों के पद खाली हैं, जिससे सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, अब हिंदी प्रवक्ता का भी तबादला कर दिया गया है, जिससे समस्या और बढ़ गई है। लगौटी स्कूल में क्षेत्र की चार पंचायतों के 182 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। स्कूल में दो सालों से प्रधानाचार्य का पद खाली है, जिससे न केवल शैक्षणिक कार्य, बल्कि प्रशासनिक कामकाज भी बाधित हो रहा है। स्कूल में पिछले चार वर्षों से पीजीटी अंग्रेजी और पीजीटी इतिहास के पद रिक्त हैं। वहीं, दो महीने से पीजीटी राजनीति विज्ञान का पद भी खाली है। इसके अलावा, टीजीटी मेडिकल टीजीटी आर्ट्स के पद पिछले 16 वर्षों से और पीटीआई का पद दो वर्षों से रिक्त है। हालात तब और गंभीर हो गए, जब हाल ही में यहां तैनात हिंदी प्रवक्ता का भी तबादला कर दिया गया। अभिभावकों ने मांग की है कि कम से कम इस शिक्षक के आदेशों को रद्द किया जाए। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गगन साहसी ने बताया कि कई बार जिला शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा विभाग को रिक्त पदों की सूचना दी गई और इन पदों को भरने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो क्षेत्र की चारों पंचायतों के अभिभावक धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। साहसी ने बताया कि कुछ समय पहले राजनीति विज्ञान के शिक्षक की नियुक्ति हुई थी, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते शिक्षक ने तुरंत ही तबादला करवा लिया। इससे विभाग की नीतियों और व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि लगौटी स्कूल उनके बच्चों के लिए शिक्षा का एकमात्र स्रोत है। यदि इसी तरह शिक्षकों की कमी बनी रही, तो अभिभावकों को मजबूरन अपने बच्चों को अन्य दूरदराज के स्कूलों में भेजना पड़ेगा। स्थानीय अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री तथा सरकार से लगौटी स्कूल में जल्द रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों की तैनाती की मांग उठाई है।
विभाग को किया सूचित
कार्यवाहक प्रधानाचार्य दिनेश ने कहा कि शिक्षकों की कमी के बारे में विभाग को समय-समय पर सूचित किया जाता है।
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हिंदी प्रवक्ता का भी तबादला, तबादला आदेश रद्द करने की तत्काल उठाई मांग
हरि कृष्ण शर्मा
आनी (कुल्लू)। दुर्गम क्षेत्र लगौटी के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी है। पिछले कई वर्षों से इस स्कूल में छह से अधिक जरूरी विषयों के शिक्षकों के पद खाली हैं, जिससे सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, अब हिंदी प्रवक्ता का भी तबादला कर दिया गया है, जिससे समस्या और बढ़ गई है। लगौटी स्कूल में क्षेत्र की चार पंचायतों के 182 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। स्कूल में दो सालों से प्रधानाचार्य का पद खाली है, जिससे न केवल शैक्षणिक कार्य, बल्कि प्रशासनिक कामकाज भी बाधित हो रहा है। स्कूल में पिछले चार वर्षों से पीजीटी अंग्रेजी और पीजीटी इतिहास के पद रिक्त हैं। वहीं, दो महीने से पीजीटी राजनीति विज्ञान का पद भी खाली है। इसके अलावा, टीजीटी मेडिकल टीजीटी आर्ट्स के पद पिछले 16 वर्षों से और पीटीआई का पद दो वर्षों से रिक्त है। हालात तब और गंभीर हो गए, जब हाल ही में यहां तैनात हिंदी प्रवक्ता का भी तबादला कर दिया गया। अभिभावकों ने मांग की है कि कम से कम इस शिक्षक के आदेशों को रद्द किया जाए। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गगन साहसी ने बताया कि कई बार जिला शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा विभाग को रिक्त पदों की सूचना दी गई और इन पदों को भरने का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेताया कि यदि जल्द ही शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो क्षेत्र की चारों पंचायतों के अभिभावक धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। साहसी ने बताया कि कुछ समय पहले राजनीति विज्ञान के शिक्षक की नियुक्ति हुई थी, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते शिक्षक ने तुरंत ही तबादला करवा लिया। इससे विभाग की नीतियों और व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि लगौटी स्कूल उनके बच्चों के लिए शिक्षा का एकमात्र स्रोत है। यदि इसी तरह शिक्षकों की कमी बनी रही, तो अभिभावकों को मजबूरन अपने बच्चों को अन्य दूरदराज के स्कूलों में भेजना पड़ेगा। स्थानीय अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री तथा सरकार से लगौटी स्कूल में जल्द रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों की तैनाती की मांग उठाई है।
विभाग को किया सूचित
कार्यवाहक प्रधानाचार्य दिनेश ने कहा कि शिक्षकों की कमी के बारे में विभाग को समय-समय पर सूचित किया जाता है।