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ठियोग में स्थायी अध्यक्ष और विकास होगा मुद्दा
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ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग नगर परिषद में चुनावी घमासान शुरू हो गया है। इस बार शहर की जनता नगर परिषद के स्थायित्व के लिए वोट देगी। निवर्तमान नगर परिषद में तीन बार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बदले गए। इसके चलते नगर परिषद में विकास कार्यों पर भी असर पड़ता रहा।
ठियोग के लोगों का कहना है कि नगर परिषद को स्थायी अध्यक्ष की जरूरत है। बताते चलें कि पिछले 5 सालों में शांता शर्मा, वंदना सूद, शीला वर्मा अध्यक्ष पद पर काबिज हुईं। तीनों अध्यक्ष भाजपा समर्थित रहे लेकिन आपसी मनमुटाव और गुटबाजी कई बार सामने आई। भाजपा समर्थित पार्षदों ने कई बार अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ सवाल उठाए और अविश्वास प्रस्ताव भी लाए गए। इसके चलते शहर की विकासात्मक गतिविधियां प्रभावित रहीं। इस बार नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत का इस्तेमाल कर खोयी भी प्रतिष्ठा प्राप्त करना चाहेगी। काबिले गौर है कि कांग्रेस का लंबे समय से नगर परिषद का कब्जा नहीं रहा है, हालांकि पिछले दो कार्यकाल में कांग्रेस समर्थित विवेक थापर उपाध्यक्ष बने हैं। इस बार वह अध्यक्ष पद की दावेदारी में शामिल हैं।
कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए बैठकों का आयोजन शुरू कर दिया है, जबकि भाजपा भी नगर परिषद पर कब्जा जमाए रखने के लिए बैठकों का दौर जारी है।
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- ये रहेगी नगर परिषद के वार्डों की स्थिति
इस बार ठियोग नगर परिषद में अध्यक्ष का पद अनारक्षित है। इसके चलते नगर परिषद में अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए सियासत काफी गर्मायी है। ठियोग नप में सात वार्ड हैं। इनमें 3, 4, 5 और 7 अनारक्षित हैं। 1, 2, 6 आरक्षित हैं। नगर निकाय चुनाव में इस बार 3109 मतदाता मतदान करेंगे।
- क्या हैं चुनावी मुद्दे
नगर परिषद ठियोग के चुनावी माहौल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, कचरा निष्पादन संयंत्र और वाहन पार्किंग मुख्य मुद्दे रहेंगे। इन्हीं मुद्दों पर पहले भी चुनाव हुआ था। इस साल भी यही मुद्दे रहेंगे। इसका एक कारण 5 साल में इन मुद्दों का कोई हल न हो पाना है।
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ठियोग के लोगों का कहना है कि नगर परिषद को स्थायी अध्यक्ष की जरूरत है। बताते चलें कि पिछले 5 सालों में शांता शर्मा, वंदना सूद, शीला वर्मा अध्यक्ष पद पर काबिज हुईं। तीनों अध्यक्ष भाजपा समर्थित रहे लेकिन आपसी मनमुटाव और गुटबाजी कई बार सामने आई। भाजपा समर्थित पार्षदों ने कई बार अपने ही अध्यक्ष के खिलाफ सवाल उठाए और अविश्वास प्रस्ताव भी लाए गए। इसके चलते शहर की विकासात्मक गतिविधियां प्रभावित रहीं। इस बार नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत का इस्तेमाल कर खोयी भी प्रतिष्ठा प्राप्त करना चाहेगी। काबिले गौर है कि कांग्रेस का लंबे समय से नगर परिषद का कब्जा नहीं रहा है, हालांकि पिछले दो कार्यकाल में कांग्रेस समर्थित विवेक थापर उपाध्यक्ष बने हैं। इस बार वह अध्यक्ष पद की दावेदारी में शामिल हैं।
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कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए बैठकों का आयोजन शुरू कर दिया है, जबकि भाजपा भी नगर परिषद पर कब्जा जमाए रखने के लिए बैठकों का दौर जारी है।
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- ये रहेगी नगर परिषद के वार्डों की स्थिति
इस बार ठियोग नगर परिषद में अध्यक्ष का पद अनारक्षित है। इसके चलते नगर परिषद में अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए सियासत काफी गर्मायी है। ठियोग नप में सात वार्ड हैं। इनमें 3, 4, 5 और 7 अनारक्षित हैं। 1, 2, 6 आरक्षित हैं। नगर निकाय चुनाव में इस बार 3109 मतदाता मतदान करेंगे।
- क्या हैं चुनावी मुद्दे
नगर परिषद ठियोग के चुनावी माहौल में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, कचरा निष्पादन संयंत्र और वाहन पार्किंग मुख्य मुद्दे रहेंगे। इन्हीं मुद्दों पर पहले भी चुनाव हुआ था। इस साल भी यही मुद्दे रहेंगे। इसका एक कारण 5 साल में इन मुद्दों का कोई हल न हो पाना है।