{"_id":"69fb253949efe621da0df498","slug":"the-traditional-and-historical-saraag-fair-was-celebrated-with-great-pomp-in-gopalpur-panchayat-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-159643-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: सराग मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: सराग मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
विज्ञापन
देव विदाई के साथ तीन दिवसीय मेला संपन्न, लोगों ने लिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की गोपालपुर पंचायत में पारंपरिक और ऐतिहासिक सराग मेला धूमधाम ने मनाया गया। सराग मेले में ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर खूब झूमे। तीन दिवसीय मेले में दूरदराज से लोग पहुंचे और अधिष्ठाता देवता साहिब से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। बुधवार को देव विदाई के साथ मेला संपन्न हुआ। ऐतिहासिक मेले में क्षेत्र के आराध्य देवता साहिब दत्त महाराज बसाहरा, महारुद्र काजल गसोह, लक्ष्मी नारायण मझेवली, राई नाग करतोट और सिलणु महाराज देवता बाजवा ने शिरकत कर मेले की शोभा बढ़ाई। पहले दिन मेले में देवलुओं के साथ ग्रामीणों ने नाटी डाली। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाएं, पुरुष और युवाओं ने पहाड़ी नाटी डाली। बुजुर्गों ने भी नाटी में भाग लिया। महिलाओं और ग्रामीणों ने नाटी डालकर अपनी संस्कृति संजोने का संदेश दिया। बाहर से आए मेहमानों ने भी नाटी का खूब आनंद उठाया। हालांकि, दो दिन से बारिश के चलते मैदान गीला होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। खराब मौसम ने मेले में खलल डाला। मेले में दुकानें भी खूब सजीं। दुकानदारों ने विभिन्न तरह की मिठाइयां बनाई थीं और मेले में पहुंचे लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर मेले की बधाई दी। छोटे बच्चों के लिए मेले में कारोबारियों ने झूले और डोल समेत अन्य मनोरंजन के साधन जुटाए थे, जिसका बच्चों ने भरपूर आनंद लिया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की गोपालपुर पंचायत में पारंपरिक और ऐतिहासिक सराग मेला धूमधाम ने मनाया गया। सराग मेले में ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर खूब झूमे। तीन दिवसीय मेले में दूरदराज से लोग पहुंचे और अधिष्ठाता देवता साहिब से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। बुधवार को देव विदाई के साथ मेला संपन्न हुआ। ऐतिहासिक मेले में क्षेत्र के आराध्य देवता साहिब दत्त महाराज बसाहरा, महारुद्र काजल गसोह, लक्ष्मी नारायण मझेवली, राई नाग करतोट और सिलणु महाराज देवता बाजवा ने शिरकत कर मेले की शोभा बढ़ाई। पहले दिन मेले में देवलुओं के साथ ग्रामीणों ने नाटी डाली। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाएं, पुरुष और युवाओं ने पहाड़ी नाटी डाली। बुजुर्गों ने भी नाटी में भाग लिया। महिलाओं और ग्रामीणों ने नाटी डालकर अपनी संस्कृति संजोने का संदेश दिया। बाहर से आए मेहमानों ने भी नाटी का खूब आनंद उठाया। हालांकि, दो दिन से बारिश के चलते मैदान गीला होने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। खराब मौसम ने मेले में खलल डाला। मेले में दुकानें भी खूब सजीं। दुकानदारों ने विभिन्न तरह की मिठाइयां बनाई थीं और मेले में पहुंचे लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर मेले की बधाई दी। छोटे बच्चों के लिए मेले में कारोबारियों ने झूले और डोल समेत अन्य मनोरंजन के साधन जुटाए थे, जिसका बच्चों ने भरपूर आनंद लिया।