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Rampur Bushahar News: नाथपा संपर्क सड़क की शेष 1.50 करोड़ राशि एक महीने में जारी करे परियोजना
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रिकांगपिओ में परियोजना प्रभाविताें की समस्याओं को लेकर बैठक में हुआ मंथन। स्रोत : डीपीआरओ
मंत्री नेगी ने नाथपा-झाकड़ी एवं बास्पा परियोजना प्रभावितों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन मामलों की समीक्षा की
रिकांगपिओ में बैठक कर परियोजना अधिकारियों को दिए उचित कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नाथपा-झाकड़ी और बास्पा जल विद्युत परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं को नाथपा संपर्क सड़क के लिए लंबित 1.50 करोड़ रुपये की शेष राशि एक महीने के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। बैठक मंगलवार को एकीकृत जनजातीय विकास भवन रिकांगपिओ में आयोजित की गई। मंत्री जगत सिंह नेगी राज्य स्तरीय विस्थापित एवं राहत-पुनर्वास समिति के अध्यक्ष भी हैं। बैठक में परियोजना प्रभावित परिवारों के पात्र सदस्यों को रोजगार देने, भूमिहीन परिवारों के मालिकाना हक राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने और नाथपा बांध स्थल पर सुरक्षा दीवार बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सुंगरा से शॉल्डिंग तक स्ट्रीट लाइट लगाने, स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने और सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत खर्च की गई राशि का विवरण उपलब्ध करवाने का मामला भी उठाया गया। बास्पा परियोजना से जुड़े मामलों में कूपा बांध स्थल से सांगला हेलीपैड तक बास्पा खड्ड को व्यवस्थित करने, कामरू और कूपा में मल निकासी परियोजना को मंजूरी देने तथा मॉडल गांव में सीवरेज, सफाई और पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बास्पा बैराज के निर्माण के बाद हवा में नमी बढ़ने से सेब की फसल को प्रतिवर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान की भरपाई और फसल पर छिड़काव में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां का खर्च जेएसडब्ल्यू कंपनी से वहन करवाने का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा निगुलसरी गांव को असुरक्षित घोषित कर पुनर्वास नीति के दायरे में लाने, झाकड़ी पंचायत को सीवरेज से जोड़ने, धार-गौरा में सामुदायिक एवं परिसर भवन बनाने तथा अन्य लंबित मामलों पर चर्चा की गई। पात्र परिवारों को रोजगार देने के निर्देश राजस्व मंत्री ने परियोजना प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों के पात्र सदस्यों को योग्यता के आधार पर रोजगार देने के मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने पांच बीघा से कम भूमि रखने वाले पात्र परिवारों के मामलों में भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा, ताकि उन्हें भूमि उपलब्ध करवाने की दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने एसजेवीएनएल को वर्ष 2004 से अब तक परियोजना के कारण विस्थापित हुए परिवारों को दिए गए रोजगार का पूरा विवरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर जताई नाराजगी
बैठक में सक्षम अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अनुपस्थित रहने का कारण स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित परिवारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों के समाधान के लिए समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है। इस मौके पर उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद, सहायक आयुक्त से उपायुक्त विपिन ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी शिमला शिवानी भारद्वाज, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह, एसडीएम कल्पा प्रवीण भारद्वाज, एसडीएम निचार दिव्या यादव सहित संबंधित परियोजनाओं के अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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रिकांगपिओ में बैठक कर परियोजना अधिकारियों को दिए उचित कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नाथपा-झाकड़ी और बास्पा जल विद्युत परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन से जुड़े मामलों की समीक्षा की। उन्होंने परियोजनाओं को नाथपा संपर्क सड़क के लिए लंबित 1.50 करोड़ रुपये की शेष राशि एक महीने के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। बैठक मंगलवार को एकीकृत जनजातीय विकास भवन रिकांगपिओ में आयोजित की गई। मंत्री जगत सिंह नेगी राज्य स्तरीय विस्थापित एवं राहत-पुनर्वास समिति के अध्यक्ष भी हैं। बैठक में परियोजना प्रभावित परिवारों के पात्र सदस्यों को रोजगार देने, भूमिहीन परिवारों के मालिकाना हक राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने और नाथपा बांध स्थल पर सुरक्षा दीवार बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सुंगरा से शॉल्डिंग तक स्ट्रीट लाइट लगाने, स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने और सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत खर्च की गई राशि का विवरण उपलब्ध करवाने का मामला भी उठाया गया। बास्पा परियोजना से जुड़े मामलों में कूपा बांध स्थल से सांगला हेलीपैड तक बास्पा खड्ड को व्यवस्थित करने, कामरू और कूपा में मल निकासी परियोजना को मंजूरी देने तथा मॉडल गांव में सीवरेज, सफाई और पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। बास्पा बैराज के निर्माण के बाद हवा में नमी बढ़ने से सेब की फसल को प्रतिवर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान की भरपाई और फसल पर छिड़काव में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां का खर्च जेएसडब्ल्यू कंपनी से वहन करवाने का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा निगुलसरी गांव को असुरक्षित घोषित कर पुनर्वास नीति के दायरे में लाने, झाकड़ी पंचायत को सीवरेज से जोड़ने, धार-गौरा में सामुदायिक एवं परिसर भवन बनाने तथा अन्य लंबित मामलों पर चर्चा की गई। पात्र परिवारों को रोजगार देने के निर्देश राजस्व मंत्री ने परियोजना प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों के पात्र सदस्यों को योग्यता के आधार पर रोजगार देने के मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने पांच बीघा से कम भूमि रखने वाले पात्र परिवारों के मामलों में भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने को कहा, ताकि उन्हें भूमि उपलब्ध करवाने की दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने एसजेवीएनएल को वर्ष 2004 से अब तक परियोजना के कारण विस्थापित हुए परिवारों को दिए गए रोजगार का पूरा विवरण एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर जताई नाराजगी
बैठक में सक्षम अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर मंत्री जगत सिंह नेगी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अनुपस्थित रहने का कारण स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित परिवारों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों के समाधान के लिए समीक्षा बैठकों में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक है। इस मौके पर उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद, सहायक आयुक्त से उपायुक्त विपिन ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी शिमला शिवानी भारद्वाज, एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह, एसडीएम कल्पा प्रवीण भारद्वाज, एसडीएम निचार दिव्या यादव सहित संबंधित परियोजनाओं के अधिकारी, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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