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Rampur Bushahar News: दो सप्ताह पहले बन गई थी ज्वेलरी की दुकानों में छापेमारी करने की योजना
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पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद ही चिह्नित ज्वेलरी की दुकानों पर एक साथ की छापेमारी
रोहड़ू में छह ज्वेलरी की दुकानों से वन विभाग की टीम ने बरामद किए थे तेंदुए के 86 नाखुन, 5 दांत और पक्षियों के पंख
राजेश हंसरेटा
रोहड़ू।
राेहड़ू बाजार में ज्वेलरी की दुकानों में बड़े स्तर पर वन्य जीवों के अवैध अवशेष होने की सूचना गुप्त स्रोत से वन मंडल अधिकारी को काफी पहले से मिल रही थी। रोहड़ू के वन मंडल अधिकारी ने ज्वेलरी की दुकानों में छापेमारी करने की योजना दो सप्ताह पहले ही बना ली थी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रोहड़ू के डीएफओ ने गुप्त रूप से जांच-पड़ताल शुरू की। किन-किन ज्वेलरी की दुकानों में वन्य जीवों के अवशेष बिक रहे हैं। इसकी पुख्ता जानकारी जुटाई गई। इस कार्य में रोहड़ू के वन मंडल अधिकारी रवि शंकर शर्मा की अगुआई में विभाग की टीम गुप्त रूप से कार्य कर रही थी। दो सप्ताह की मशक्कत के बाद वन विभाग ने मंगलवार को दिन के समय छापेमारी शुरू की। 45 कर्मचारियों को छह टीमों में विभाजित किया था। सभी चिह्नित ज्वेलरी की दुकानों में एक साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान टीम का कोई भी कर्मचारी किसी से संपर्क न साध सके, इसके लिए पहले ही सभी कर्मचारियों के फोन बंद करवाकर एक जगह एकत्रित कर दिए गए थे। रोहड़ू के छह ज्वेलरों के पास से तेंदुए के 86 नाखून, पांच दांत और दुर्लभ पक्षियों के पंख जब्त किए गए। इस सारी मुहिम को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपी ज्वेलरों से वन विभाग के अधिकारी बुधवार को दिन भर पूछताछ करते रहे। वन विभाग की टीम अब वन्य जीवों के अवशेषों की सप्लाई देने वाले सप्लायर की जानकारी जुटा रही है।
वन्य जीवों के अवशेष बेचने की सूचना गुप्त स्रोत से मिली थी। इसके बाद एक योजना तैयार की गई। सूचना पुख्ता होने के बाद ही छापेमारी की गई। पकड़े गए लोगों से पूछताछ की गई है। वन्य जीवों के अवशेष कहां से आ रहे और कौन इनकी सप्लाई पहुंचा रहा है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।-- रवि शंकर शर्मा, डीएफओ रोहड़ू
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रोहड़ू में छह ज्वेलरी की दुकानों से वन विभाग की टीम ने बरामद किए थे तेंदुए के 86 नाखुन, 5 दांत और पक्षियों के पंख
राजेश हंसरेटा
रोहड़ू।
राेहड़ू बाजार में ज्वेलरी की दुकानों में बड़े स्तर पर वन्य जीवों के अवैध अवशेष होने की सूचना गुप्त स्रोत से वन मंडल अधिकारी को काफी पहले से मिल रही थी। रोहड़ू के वन मंडल अधिकारी ने ज्वेलरी की दुकानों में छापेमारी करने की योजना दो सप्ताह पहले ही बना ली थी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रोहड़ू के डीएफओ ने गुप्त रूप से जांच-पड़ताल शुरू की। किन-किन ज्वेलरी की दुकानों में वन्य जीवों के अवशेष बिक रहे हैं। इसकी पुख्ता जानकारी जुटाई गई। इस कार्य में रोहड़ू के वन मंडल अधिकारी रवि शंकर शर्मा की अगुआई में विभाग की टीम गुप्त रूप से कार्य कर रही थी। दो सप्ताह की मशक्कत के बाद वन विभाग ने मंगलवार को दिन के समय छापेमारी शुरू की। 45 कर्मचारियों को छह टीमों में विभाजित किया था। सभी चिह्नित ज्वेलरी की दुकानों में एक साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान टीम का कोई भी कर्मचारी किसी से संपर्क न साध सके, इसके लिए पहले ही सभी कर्मचारियों के फोन बंद करवाकर एक जगह एकत्रित कर दिए गए थे। रोहड़ू के छह ज्वेलरों के पास से तेंदुए के 86 नाखून, पांच दांत और दुर्लभ पक्षियों के पंख जब्त किए गए। इस सारी मुहिम को सफल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया। मामले में गिरफ्तार आरोपी ज्वेलरों से वन विभाग के अधिकारी बुधवार को दिन भर पूछताछ करते रहे। वन विभाग की टीम अब वन्य जीवों के अवशेषों की सप्लाई देने वाले सप्लायर की जानकारी जुटा रही है।
वन्य जीवों के अवशेष बेचने की सूचना गुप्त स्रोत से मिली थी। इसके बाद एक योजना तैयार की गई। सूचना पुख्ता होने के बाद ही छापेमारी की गई। पकड़े गए लोगों से पूछताछ की गई है। वन्य जीवों के अवशेष कहां से आ रहे और कौन इनकी सप्लाई पहुंचा रहा है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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