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Rampur Bushahar News: बगीचों में नियम राख, धुएं से घुट रही पर्यावरण की सांस

Sun, 18 Jan 2026 11:07 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 11:07 PM IST
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The administration has banned burning of trees in gardens
नेरवा में बगीचों की आग से फैला धुंआ। संवाद
प्रशासन ने बगीचों में आग लगाने पर लगाया प्रतिबंध, कमेटियां कीं गठित, फिर भी नहीं कोई असर
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.वातावरण में चारों ओर फैला धुआं, जंगल की आग से वन संपदा को भी हो रहा भारी नुकसान

संवाद न्यूज एजेंसी

नेरवा (रोहड़ू)। बगीचों में नियम राख और धुएं से घुट रही पर्यावरण की सांस। ऐसा ही हाल इन दिनों देखने को मिल रहा है। जंगलों में आग लगाने और बगीचों में जलाए जा रहे अपशिष्ट के खिलाफ प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों ने अभियान तो चलाया। प्रशासन ने आग लगाने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश भी जारी किए। पंचायत स्तर पर कमेटियां गठित हुईं। इसके बावजूद आग की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। जंगलों और बगीचों में आग से जहां पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं करोड़ों की वन संपदा भी राख हो रही है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण चौपाल विधानसभा क्षेत्र भयंकर सूखे की चपेट में है। मामूली सी आग भी तेजी से फैलकर बगीचों के आस-पास के वनों और चरागाहों तक जा रही है, जिससे वन संपदा को भारी क्षति हो रही है। वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही वन्य जीवों को भी खतरा बढ़ रहा हैं। आज कल सेब, नाशपाती, पलम, बादाम के बगीचों की बागवान साफ-सफाई कर रहे हैं। बगीचों में उगी झाड़ियों की साफ-सफाई कर रहे हैं। पेड़ों की काट-छांट (प्रूनिंग) कर रहे हैं। इसके चलते बगीचों में झाड़ियों, काट-छांट से एकत्रित टहनियों, पेड़ों के पतों और सुखी घास के ढेर लग रहे हैं। कई बागवान अपशिष्ट के एकत्रित हुए ढेर को बगीचों में ही जला रहे हैं। बीते शुक्रवार की शाम को अज्ञात व्यक्तियों की ओर से घासनी में लगाई आग ने घीलड़ गांव में करोड़ों रुपये का नुकसान कर दिया। आग की चपेट में आकर कई घास की टोलियां जल गईं और सेब और नाशपाती के पेड़ नष्ट हो गए। झिकनीपुल पंचायत के प्रगतिशील बागवान विशाल चौहान चौपाल के एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर बगीचों में अपशिष्ट जलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर चुके हैं। एसडीएम हेम चंद वर्मा ने आदेश जारी कर तुरंत प्रभाव से खुले में अपशिष्ट जलाने पर रोक लगा दी थी। इसके क्रियान्वयन के लिए एक बहुविभागीय नौ सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया, जिसमें हलका पटवारी, पंचायत प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य और पंचायत सचिवों को शामिल किया गया है। पर्यावरण प्रेमी युवाओं के एक समूह ने व्हाट्सएप पर एंटी फायर अलायंस नाम से एक ग्रुप भी बनाया है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में जंगलों में लगी आग और बगीचों में जलाए जा रहे अपशिष्ट की हर रोज फोटो डाली जा रही हैं। इसके बावजूद बगीचों और खेतों में अपशिष्ट जलाए जा रहे हैं। आलम यह है कि बीते दो दिनों से नेरवा तहसील के अधिकतर क्षेत्रों में धुआं ही धुआं फैला हुआ है। विशाल चौहान ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग लगाने वालों को पकड़ने के लिए एंटी फायर फ्लाइंग स्क्वॉयड गठिन करने की मांग उठाई है।
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