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Rampur Bushahar News: नेरवा स्कूल में शिक्षकों के पद रिक्त, छात्र कर रहे पलायन
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स्कूल प्रबंधन समिति ने बैठक में रिक्त पदों का उठाया मुद्दा
लंबे समय से टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल के पद खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहडू)। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नेरवा की स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने विद्यालय में लंबे समय से रिक्त शिक्षकों के पदों पर चिंता जताई। समिति अध्यक्ष सोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में टीजीटी मेडिकल और टीजीटी नॉन मेडिकल के खाली पदों को जल्द भरने की मांग उठाई गई।
बैठक में बताया गया कि टीजीटी मेडिकल का पद वर्ष 2018 से और टीजीटी नॉन मेडिकल का पद वर्ष 2022 से रिक्त है। इन विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मेडिकल और नॉन मेडिकल की नियमित पढ़ाई न होने से कई छात्र-छात्राएं दूसरे स्कूलों का रुख कर रहे हैं। समिति ने बताया कि नेरवा से निकटतम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करीब 22 किलोमीटर दूर है। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी के कारण कई छात्राएं मेडिकल और नॉन मेडिकल विषयों में प्रवेश नहीं ले पातीं। उन्हें मजबूरी में कला संकाय चुनना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन समिति ने प्रदेश सरकार से रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है।
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लंबे समय से टीजीटी मेडिकल और नॉन मेडिकल के पद खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहडू)। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नेरवा की स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने विद्यालय में लंबे समय से रिक्त शिक्षकों के पदों पर चिंता जताई। समिति अध्यक्ष सोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में टीजीटी मेडिकल और टीजीटी नॉन मेडिकल के खाली पदों को जल्द भरने की मांग उठाई गई।
बैठक में बताया गया कि टीजीटी मेडिकल का पद वर्ष 2018 से और टीजीटी नॉन मेडिकल का पद वर्ष 2022 से रिक्त है। इन विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मेडिकल और नॉन मेडिकल की नियमित पढ़ाई न होने से कई छात्र-छात्राएं दूसरे स्कूलों का रुख कर रहे हैं। समिति ने बताया कि नेरवा से निकटतम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करीब 22 किलोमीटर दूर है। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लंबी दूरी के कारण कई छात्राएं मेडिकल और नॉन मेडिकल विषयों में प्रवेश नहीं ले पातीं। उन्हें मजबूरी में कला संकाय चुनना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन समिति ने प्रदेश सरकार से रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की है।
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