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जेबीटी शिक्षक प्रदीप मुखिया की पूरी जिंदगी शिक्षा के क्षेत्र में कुर्बान
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रोहड़ू। राजकीय प्राथमिक पाठशाला संदौर में जेबीटी प्रदीप मुखिया का चयन पांच सितंबर को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए हुआ है। प्रदीप मुखिया ने शिक्षा क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए शादी भी नहीं की है। प्रदीप मुखिया के दादा पंडित पद्मदेव रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 1952 में विधायक बने थे। वह सरकार में गृह मंत्री और शिक्षा, वन और स्वास्थ्य मंत्री सहित सांसद भी रह चुके हैं।
प्रदीप मुखिया का जन्म 21 अप्रैल, 1967 में बमनोली गांव में हुआ है। इनके पिता ब्रह्म देव मुखिया सेना में सेवाएं दे चुके हैं। प्रदीप ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव बमनोली, मिडल शिक्षा कुई, उच्च शिक्षा समरकोट और 12वीं रोहड़ू स्कूल से पूरी की है। इसके बाद 1992 में शिक्षा क्षेत्र में आए। उन्होंने जहां भी सेवाएं दीं वहां अपने निजी खर्च से स्कूल भवनों और खेल मैदानों को सुधारने में बेहतरीन कार्य किया।
जीवन के 27 साल जनसेवा और सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनने के लिए दे दिए। इन्होंने शादी भी नहीं की है। प्रदीप मुखिया ने संदौर स्कूल में जब ज्वाइनिंग दी थी तो उस समय स्कूल में 11 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। निजी स्कूलों के शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को जागरूक किया और उन्हें सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया। आज उस स्कूल में 32 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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प्रदीप मुखिया का जन्म 21 अप्रैल, 1967 में बमनोली गांव में हुआ है। इनके पिता ब्रह्म देव मुखिया सेना में सेवाएं दे चुके हैं। प्रदीप ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव बमनोली, मिडल शिक्षा कुई, उच्च शिक्षा समरकोट और 12वीं रोहड़ू स्कूल से पूरी की है। इसके बाद 1992 में शिक्षा क्षेत्र में आए। उन्होंने जहां भी सेवाएं दीं वहां अपने निजी खर्च से स्कूल भवनों और खेल मैदानों को सुधारने में बेहतरीन कार्य किया।
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जीवन के 27 साल जनसेवा और सरकारी स्कूलों में शिक्षा को बेहतर बनने के लिए दे दिए। इन्होंने शादी भी नहीं की है। प्रदीप मुखिया ने संदौर स्कूल में जब ज्वाइनिंग दी थी तो उस समय स्कूल में 11 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। निजी स्कूलों के शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को जागरूक किया और उन्हें सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया। आज उस स्कूल में 32 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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