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अभागे माता .पिता को अपनी बेटी के अंतिम दर्शन भी नहीं हो पाए नसीब
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आनी (कुल्लू)। आनी में आदमखोर तेंदुए के आतंक से यहां के लोगों में दहशत का माहौल है।
कहा जा रहा है कि तेंदुआ पहले भी कई घरों से पालतू कुत्तों का अपना शिकार बना चुका है। लेकिन अब बच्ची को अपना निवाला बनाने के बाद लोगों का डर और बढ़ गया है। इस क्षेत्र में ऐसा पहली बार हुआ है जब तेंदुए ने किसी इंसान को अपना शिकार बनाया हो।
च्वाई क्षेत्र के सुमा गांव के नजदीक एक घर से तीन साल की मासूम को तेंदुए ने मौत के घाट उतार दिया। इससे ग्रामीणों में बच्चों को लेकर चिंता सताने लगी है। बीती रात हुई इस भयावह घटना से हर कोई स्तब्ध है। तीन साल की बच्ची ने अभी अपने पांवों पर पूरी तरह चलना भी नहीं सीखा था कि उसे तेंदुए ने अपना नवाला बना डाला। विनोद अपने परिवार पत्नी और तीन बच्चों सहित अपने गांव सुमा से दूर दोगरी में रह रहा था। विनोद का सेब बगीचा भी यहीं था, जिसमें मेहनत कर वह परिवार का भरण पोषण करते थे। अभागे मां-बाप ने कभी नहीं सोचा था कि कुदरत का लेखा एक दिन उनके हंसते खेलते परिवार को गम के आंसुओं में डुबो देगा। तीन वर्षीय मृतक प्रिया की माता का रो-रो कर बुरा हाल है। उन पर दु:खों का पहाड़ ऐसा टूटा कि अंत समय में वे बेटी के अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाए। अब चर्चा है कि यहां तेंदुआ दिन को भी लोगों ने कई बार देखा था जबकि कई कुत्तों को भी यहां से तेंदुआ उठा ले गया है। वन विभाग से कई नेताओं ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। जिप सदस्य लोकेंद्र कुमार ने सरकार और वन मंत्री से प्रभावित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग के साथ ही कुछ स्थानों को चिन्हित कर इस खूंखार तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने वाइल्ड लाइफ वालों से सुनियोजित ढंग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
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कहा जा रहा है कि तेंदुआ पहले भी कई घरों से पालतू कुत्तों का अपना शिकार बना चुका है। लेकिन अब बच्ची को अपना निवाला बनाने के बाद लोगों का डर और बढ़ गया है। इस क्षेत्र में ऐसा पहली बार हुआ है जब तेंदुए ने किसी इंसान को अपना शिकार बनाया हो।
च्वाई क्षेत्र के सुमा गांव के नजदीक एक घर से तीन साल की मासूम को तेंदुए ने मौत के घाट उतार दिया। इससे ग्रामीणों में बच्चों को लेकर चिंता सताने लगी है। बीती रात हुई इस भयावह घटना से हर कोई स्तब्ध है। तीन साल की बच्ची ने अभी अपने पांवों पर पूरी तरह चलना भी नहीं सीखा था कि उसे तेंदुए ने अपना नवाला बना डाला। विनोद अपने परिवार पत्नी और तीन बच्चों सहित अपने गांव सुमा से दूर दोगरी में रह रहा था। विनोद का सेब बगीचा भी यहीं था, जिसमें मेहनत कर वह परिवार का भरण पोषण करते थे। अभागे मां-बाप ने कभी नहीं सोचा था कि कुदरत का लेखा एक दिन उनके हंसते खेलते परिवार को गम के आंसुओं में डुबो देगा। तीन वर्षीय मृतक प्रिया की माता का रो-रो कर बुरा हाल है। उन पर दु:खों का पहाड़ ऐसा टूटा कि अंत समय में वे बेटी के अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाए। अब चर्चा है कि यहां तेंदुआ दिन को भी लोगों ने कई बार देखा था जबकि कई कुत्तों को भी यहां से तेंदुआ उठा ले गया है। वन विभाग से कई नेताओं ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। जिप सदस्य लोकेंद्र कुमार ने सरकार और वन मंत्री से प्रभावित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग के साथ ही कुछ स्थानों को चिन्हित कर इस खूंखार तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने वाइल्ड लाइफ वालों से सुनियोजित ढंग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
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