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Rampur Bushahar News: कूड़ा संयंत्र के लिए वर्षों से नहीं मिली स्टेज टू की मंजूरी
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संयंत्र के अभाव में कचरे को शिमला के भरयाल में करना पड़ रहा निष्पादित
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। दशकों से ठंडे बस्ते में पड़ी कूड़ा संयंत्र योजना को अभी भी स्टेज टू अप्रूवल का इंतजार है। स्टेज टू अप्रूवल मिलने के बाद ही ठोस कचरा प्रबंधन की डीपीआर तैयार हो सकेगी। स्टेज टू अप्रूवल के लिए योजना की फाइल वन विभाग के पास विचाराधीन है। संयंत्र के अभाव में नगर परिषद कस्बे से निकलने वाले कचरे को शिमला के भरयाल में लगे अपशिष्ट से ऊर्जा प्लांट में भेज रहा है।
ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के लिए वर्ष 2018 में नगर परिषद रोहड़ू ने वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन विभाग से भूमि के हस्तांतरण के लिए प्रारूप तैयार किया था। इसके तहत रोहड़ू शिमला मार्ग पर महेंदली के पास 0.252 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र के लिए किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना को स्टेज वन की सैद्धांतिक मंजूरी सितंबर 2024 में मिल गई थी। अब स्टेज टू की अप्रूवल लेने के लिए नगर परिषद को नियम अनुसार फारेस्टरेशन करना अनिवार्य है। फारेस्टरेशन के लिए परिषद की ओर से वन विभाग के पास तीन लाख रुपये की राशि भी जमा कर दी गई है। अब वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद ही परियोजना की डीपीआर तैयार हो सकेगी।
फिलहाल नगर परिषद ने डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन के लिए कस्बे में 26 लोगों की टीम को लगाया हुआ है। वे रोजाना टनों के हिसाब से कचरा एकत्र करते हैं। उसके बाद पब्बर नदी के किनारे गीले और सूखे कचरे का निष्पादन किया जाता है। जब तक संयंत्र स्थापित नहीं होता। कचरे को एकत्र कर शिमला के भरयाल में स्थापित अपशिष्ट से ऊर्जा प्लांट में कूड़े को ठिकाने लगाया जा रहा है। ट्रकों में भरकर कचरे को शिमला भेजा जा रहा है।
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नगर परिषद के अध्यक्ष अशोक चौहान और उपाध्यक्ष ने सुजय अग्रवाल ने बताया कि स्टेज टू अप्रूवल शीघ्र ही परिषद को मिल जाएगी। इसके बाद कूडा संयंत्र योजना की डीपीआर तैयार की जाएगी। अभी कस्बे से निकले वाले कचरे को अपशिष्ट से ऊर्जा प्लांट में भेजा जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। दशकों से ठंडे बस्ते में पड़ी कूड़ा संयंत्र योजना को अभी भी स्टेज टू अप्रूवल का इंतजार है। स्टेज टू अप्रूवल मिलने के बाद ही ठोस कचरा प्रबंधन की डीपीआर तैयार हो सकेगी। स्टेज टू अप्रूवल के लिए योजना की फाइल वन विभाग के पास विचाराधीन है। संयंत्र के अभाव में नगर परिषद कस्बे से निकलने वाले कचरे को शिमला के भरयाल में लगे अपशिष्ट से ऊर्जा प्लांट में भेज रहा है।
ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के लिए वर्ष 2018 में नगर परिषद रोहड़ू ने वन संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वन विभाग से भूमि के हस्तांतरण के लिए प्रारूप तैयार किया था। इसके तहत रोहड़ू शिमला मार्ग पर महेंदली के पास 0.252 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र के लिए किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना को स्टेज वन की सैद्धांतिक मंजूरी सितंबर 2024 में मिल गई थी। अब स्टेज टू की अप्रूवल लेने के लिए नगर परिषद को नियम अनुसार फारेस्टरेशन करना अनिवार्य है। फारेस्टरेशन के लिए परिषद की ओर से वन विभाग के पास तीन लाख रुपये की राशि भी जमा कर दी गई है। अब वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद ही परियोजना की डीपीआर तैयार हो सकेगी।
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फिलहाल नगर परिषद ने डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन के लिए कस्बे में 26 लोगों की टीम को लगाया हुआ है। वे रोजाना टनों के हिसाब से कचरा एकत्र करते हैं। उसके बाद पब्बर नदी के किनारे गीले और सूखे कचरे का निष्पादन किया जाता है। जब तक संयंत्र स्थापित नहीं होता। कचरे को एकत्र कर शिमला के भरयाल में स्थापित अपशिष्ट से ऊर्जा प्लांट में कूड़े को ठिकाने लगाया जा रहा है। ट्रकों में भरकर कचरे को शिमला भेजा जा रहा है।
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नगर परिषद के अध्यक्ष अशोक चौहान और उपाध्यक्ष ने सुजय अग्रवाल ने बताया कि स्टेज टू अप्रूवल शीघ्र ही परिषद को मिल जाएगी। इसके बाद कूडा संयंत्र योजना की डीपीआर तैयार की जाएगी। अभी कस्बे से निकले वाले कचरे को अपशिष्ट से ऊर्जा प्लांट में भेजा जा रहा है।