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Rampur Bushahar News: बंद सड़क, उफनते नाले ने छीन लिया जिगर का टुकड़ा

Tue, 09 Sep 2025 11:15 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:15 PM IST
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Shalan village, Nerwa road problem, Chaupal road problem
राणाक्यार नाले को पार कर रहा एक वाहन
ग्रामीणों ने जान दांव पर लगा गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल, नहीं बच सकी नवजात की जान
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शलन गांव की महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए गैंती, बेलचा और झब्बल लेकर साथ निकले थे सात गांववासी

सड़क को खोल दी उफनता नाला बना चुनौती, जेसीबी से महिला का नाला पार कर पहुंचा अस्पताल

संवाद न्यूज एजेंंसी
नेरवा (रोहड़ू)। नेरवा के शलन गांव की 23 वर्षीय गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए गांव के सात लोगोंं ने अपनी जानजोखिम में डाल कर सड़क खोली, बाद में जेसीबी में बिठाकर नाला पार करवाया, लेकिन नवजात की जान नहीं बच सकी। अस्पताल में प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार इसका कारण बरसात में अस्पताल तक पहुंचाने में देरी रहा। बंद सड़क और उफनते नाले ने एक मां के जिगर का टुकड़ा छीन लिया। छह सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर शलन गांव की 23 वर्षीय महिला मोनिका को उसके परिजन गाड़ी में सिविल अस्पताल नेरवा ले जा रहे थे। बरसात के कारण अवरुद्ध सड़कों को खोलने के लिए गाड़ी में गैंती, बेलचा और झब्बल लेकर सात गांववासी भी सवार थे। पहले ग्रामीणों ने बरसात से अवरुद्ध सड़क खोली। इसके बाद मुख्य सड़क तक पहुंचे, तो राणा क्यार गांव और मुख्य मार्ग के बीच नाला उफान पर था। करीब दो घंटे तक खड़े रहने के बाद भी नाला पार नहीं को सका, तो समाजसेवी अत्तर सिंह राणा ने जेसीबी मंगवाई। इसके बाद जेसीबी के जरिये मोनिका और उसके परिजनों को नाला पार करवाया। मोनिका के पति ने बताया कि बताया कि इतना प्रयास करने के बावजूद देर हो जाने के कारण उसके बच्चे की जान नहीं बच पाई।
हर बार लोगों के लिए चुनौती बना नाला
फेड़ीजपल-नेरवा-शिमला मुख्य मार्ग और राणा क्यार गांव के बीच बहने वाला नाला क्षेत्रवासियों के लिए कई बार चुनौती खड़ी कर चुका है। हर साल बरसात के दिनों में जब नाला उफान पर होता है, तो यातायात बाधित हो जाता है। लोगों को जानजोखिम में डालकर यह नाला पार करना पड़ता है। इसे पार करने की कोशिश में कई बार लोग नाले में बह भी चुके हैं। इसी साल एक स्कूटी सवार इसे पार करने की कोशिश में बह गया। राणा क्यार निवासी केदी पंचायत के पूर्व प्रधान तपेंद्र नेगी ने अपनी जानजोखिम में डालकर उसे बचाया।
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उपायुक्त समेत केंद्र की टीम कर चुकी निरीक्षण

राणा क्यार निवासी पूर्व प्रधान तपेंद्र नेगी और राजेंद्र डोगरा ने बताया कि वर्ष 2019, 2021 और 2023 में भी इस नाले में भयंकर बाढ़ आ चुकी है। बाढ़ में लोकेंद्र नेगी, छज्जू राम मखराण, मोती सिंह नेगी, राजेंद्र डोगरा और तपेंद्र नेगी के मकानों को भी भारी क्षति पंहुची थी। उस समय मौके का निरीक्षण करने के लिए उपायुक्त शिमला, एडीसी शिमला और केंद्र से हेलिकॉप्टर में अधिकारियों की उच्चस्तरीय टीम पहुंची थी। राणा क्यार गांव का प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मिलकर ज्ञापन सौंप कर नाले पर पुल बनने की मांग उठाई है। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रजनीश किमटा ने बताया कि वह मौके का निरीक्षण करने के लिए लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर को साथ लेकर करके आ रहे हैं। इस समस्या का अगली बरसात से पूर्व स्थायी समाधान करवाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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